

गरीबों की जीवन रेखा कही जाने वाली विश्व की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना महात्मा गांधी नरेगा को लेकर केंद्र सरकार द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे कटौती और कार्य बंद करने जैसे निर्णयों के विरोध में ग्राम पंचायत सोनड़ी मुख्यालय पर आज एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और नरेगा कार्यों के बंद होने से उत्पन्न बेरोजगारी, मजदूरी भुगतान में देरी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि नरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और सीमांत किसानों के लिए जीवन यापन का आधार है।
इस अवसर पर माननीय सांसद श्री उम्मेदाराम बेनीवाल, बाड़मेर जिला अध्यक्ष श्री लक्ष्मण चौधरी एवं पूर्व विधायक श्री पदमाराम मेघवाल की विशेष उपस्थिति रही। वक्ताओं ने नरेगा को कमजोर करने के प्रयासों की आलोचना करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की रीढ़ है और इसे समाप्त या सीमित करना गरीबों के साथ अन्याय होगा।
बैठक में यह मांग रखी गई कि:
→ नरेगा कार्य तत्काल प्रभाव से पुनः प्रारंभ किए जाएं,
→ लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान हो,
→ तथा योजना के बजट में किसी भी प्रकार की कटौती न की जाए।
→ ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि नरेगा को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बैठक का आयोजन महादेव (शिव) मंदिर के पास, ग्राम पंचायत सोनड़ी में किया गया, जिसमें सोनड़ी, आदर्श सोनड़ी एवं भीये की बेरी के ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।









