

बलौदा बाजार।
गार्डन चौक के पास स्थित नवीन शाला में मोहाल्लेवासियों और कुछ उपद्रवियों के कारण स्कूल परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय सूत्रों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल परिसर और उसके आस-पास कचड़ा फेंका जा रहा है और शाम के समय स्कूल गेट बंद होने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है।
स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि यह स्थिति न केवल स्कूल के वातावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि बच्चों और युवा पीढ़ी के लिए खतरे का संकेत भी है। “विद्या का मंदिर”, यानी स्कूल का परिसर, जिसे बच्चों के ज्ञान और सुरक्षा के लिए संरक्षित किया जाना चाहिए, अब उपद्रवियों की गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
अभिभावकों का आरोप है कि यह कृत्य लंबे समय से जारी है, लेकिन प्रशासन और स्थानीय जिम्मेदार अधिकारी इसे रोकने में विफल रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बच्चों और शिक्षक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों का मानना है कि अगर इस पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। उनका कहना है कि स्कूल परिसर को असामाजिक गतिविधियों से मुक्त कराना और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना अब प्राथमिक जिम्मेदारी बन गई है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। यह आवश्यक है कि मोहाल्लेवासियों और उपद्रवियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, परिसर की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सख्ती से लागू की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
समाज के हर व्यक्ति और अभिभावक का यह कर्तव्य बनता है कि वे इस तरह की घटनाओं पर न केवल आवाज उठाएं, बल्कि प्रशासन के सहयोग से इसे रोकने की पहल करें। विद्या का मंदिर सुरक्षित रहेगा तभी हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रहेगा।






