
मोकामा में शहीद प्रफुल्ल चाकी की 119वीं शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि, जागरूकता अभियान चला
✍️ अरुण साह, संवाददाता (बेगूसराय
बेगूसराय। बंगाल विभाजन के विरोध में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांति की चिंगारी जलाने वाले अमर शहीद प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस की शहादत को याद करते हुए बिहार अभिभावक-शिक्षक संघ, बेगूसराय के तत्वावधान में मोकामा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दिनांक 20 मई 2026 को शाम 4 बजे एक जत्था बेनर-पोस्टर से सजी गाड़ी के साथ बेगूसराय से मोकामा घाट रेलवे स्टेशन स्थित प्रफुल्ल चाकी तीर्थ स्थल के लिए रवाना हुआ। यहां पहुंचकर शहीद की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की गई और मोमबत्ती जलाकर उनके सपनों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
ज्ञात हो कि 2 मई 1908 को मोकामा घाट रेलवे स्टेशन पर अंग्रेजों से घिर जाने के बाद प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वयं को गोली मारकर बलिदान दे दिया था। इससे पूर्व 30 अप्रैल 1908 को उन्होंने मुजफ्फरपुर में सेशन जज किंग्सफोर्ड की बग्गी पर बम हमला किया था। इस घटना के बाद खुदीराम बोस पूसा में गिरफ्तार हुए, जबकि प्रफुल्ल चाकी मोकामा पहुंचकर वीरगति को प्राप्त हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अवकाश प्राप्त पदाधिकारी विजय शंकर सिंह ने की, जबकि संचालन आनंद शंकर ने किया। समारोह को नगर परिषद सदस्य संजीव कुमार, नगर कांग्रेस अध्यक्ष राज नारायण राय (अधिवक्ता), राजीव कुमार (अधिवक्ता), किसान नेता मनोज यादव समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस मौके पर प्राचार्य सह समाजसेवी संतोष कुमार ईश्वर ने कहा कि आज स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी शहीदों के बलिदान से अनजान हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस के संघर्ष ने बिहार में योगेन्द्र शुक्ला और बैकुंठ शुक्ला जैसे क्रांतिकारियों को प्रेरित किया।
वक्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक चेतना पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है और युवाओं को सही इतिहास से दूर किया जा रहा है। उन्होंने “शहीदों के सपने सजाओ, शिक्षा बचाओ, शिक्षक एवं भविष्य बचाओ, स्वतंत्रता बचाओ, देश बचाओ” के नारों के साथ जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।
स्थानीय लोगों ने भी शहीदों के सम्मान में आवाज उठाई। आनंद शंकर ने कहा कि मोकामा की पवित्र धरती पर बलिदान देने वाले शहीदों को उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है। वहीं विजय शंकर सिंह ने भविष्य में भव्य समारोह आयोजित करने और प्रफुल्ल चाकी के परिजन को सम्मानित करने की बात कही। नगर परिषद सदस्य ने शहीद की प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं—श्रद्धा, यशदीप, कीर्ति आदि ने नारों के माध्यम से पूरे मोकामा बाजार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। स्थानीय मीडिया के पत्रकारों ने भी आयोजन में सक्रिय सहयोग किया।
कार्यक्रम के समापन के बाद जत्था रात 8 बजे बेगूसराय के लिए रवाना हुआ।



