
भारत माला परियोजना के तहत कोटा दरा मार्ग पर बन रही देश की सबसे चौड़ी और पहली 8 लेन का काम अंतिम चरण में है। आज टनल पर ब्रेक थ्रू सेरेमनी आयोजित की गई। खोदते खोदते जैसे ही दूसरी छोर का हिस्सा नजर आया। मौके पर मौजूद स्टाफ और कर्मचारी खुशी से झूम उठे। कर्मचारियों में हर-हर महादेव बम-बम भोले के नारे लगाए।
क्या है ब्रेक थ्रू सेरेमनी
लाइजनिंग मैनेजर डीबीएल एसके सिंह ने बताया-साल 2021 से टनल का काम चल रहा है। टनल में दो तरफ से पहाड़ को काटा जा रहा है। एक हिस्सा गोपालपुरा माताजी मंदिर से दूसरा चेचट वाले हिस्से से खोदा जा रहा है।आज दोनों तरफ से खुदाई करते हुए टीम एक छोर तक पहुंच गई। आज ब्रेक थ्रू सेरेमनी करके ख़ुशी का इजहार किया गया।
अब टनल की आसानी से आरपार खुदाई हो सकेगी। सेरेमनी के लिए टनल में फूलों से सजावट की।इस मौके पर NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल, जीएम डीबीएल संजय राठौर, जीएम टेक. योगेश बरार, टीएल एलपी साहू, टनल डिजाइनर रमेश निवानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ये टनल दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे पर पहाड़ के बीच 21 मीटर चौडी व 3.3 किमी लंबी बनाई जा रही है। यह टनल मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के 500 मीटर पहले से शुरू होकर रिजर्व खत्म होने के 500 मीटर बाद तक बनाई गई है। ये न्यू ऑस्ट्रेलिया टनल मैथड (एनएटीएम) से बनाई जा रही है। इसको बनाने के लिए स्पेन, जर्मनी सहित यूरोपीय देशों से भारी भरकम ड्रिलिंग बूमर, शॉटक्रेट ग्रेड जैसी मशीन मंगवाई गई।







