
सागर। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664*जनगणना महाअभियान का कार्य 1 मई से 30 मई तक चलेगा जिसमें सागर जिले में 5000 से अधिकारी, कर्मचारी जिलेवासियों के समक्ष पहुंचकर मकान करना सहित 33 प्रकार की जानकारी प्राप्त करेंगे। सभी जिलेवासी अधिकारी, कर्मचारियों का सहयोग कर जनगणना के अंतर्गत मकानगणना में सहयोग करें और महाअभियान को सफल बनाएं। उक्त अपील कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिलेवासियों से की है।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आगामी 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक मध्यप्रदेश में भी जनगणना का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत शासन द्वारा नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी घर-घर जाकर नागरिकों से आवश्यक सामान्य जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सटीक आंकलन करना है, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। सही और सटीक जानकारी देकर आप देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं, साथ ही सतर्क रहकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। इस दौरान जिले में 4387 प्रगणक एवं 760 सुपरवाइजर मकानगणना का कार्य करेंगे।
जनगणना के दौरान अधिकारी आपसे केवल सामान्य एवं आधारभूत जानकारी ही प्राप्त करेंगे, जैसे कि आपके मकान/भवन का प्रकार,परिवार में कुल सदस्यों की संख्या परिवार के मुखिया का नाम, नल कनेक्शन, बिजली कनेक्शन की उपलब्धता शौचालय एवं बाथरूम की स्थिति गैस कनेक्शन की जानकारी रेडियो, टीवी, केबल कनेक्शन जैसी सुविधाएं, साइकिल, मोटरसाइकिल या कार जैसी परिसंपत्तियां, परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य खाद्यान्न, मोबाइल नंबर, इन जानकारियों का उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए किया जाएगा।जनगणना के दौरान आधार कार्ड नंबर, पैन कार्ड नंबर, बैंक खाता या वित्तीय जानकारी, किसी भी प्रकार का ओटीपी (OTP) जैसी संवेदनशील जानकारी कभी भी नहीं पूछी जाएगी, इसलिए नागरिक विशेष सतर्कता बरतें। यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की जानकारी मांगता है, तो सावधान रहें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। जानकारी देने से पहले अधिकारी/कर्मचारी का पहचान पत्र (ID Card) अवश्य जांच लें। केवल अधिकृत सरकारी कर्मियों को ही जानकारी प्रदान करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।




