
जोधपुर। 28 अप्रैल। सूर्यनगरी में आयोजित संत समागम में श्री प्रेमप्रकाश मंडल के पूज्य संतों ने अपने प्रेरणादायी प्रवचनों और भक्तिमय भजनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। 16 सेक्टर स्थित पूज्य सिंधी पंचायत भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
सेवाधारी अशोक मूलचंदानी ने बताया कि कार्यक्रम में अहमदाबाद से पधारे स्वामी लक्ष्मण राम जी, वृंदावन से आए स्वामी चित प्रकाश चैतन्य जी तथा जोधपुर के स्वामी जीतूराम साहिब जी ने मानव जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रवचन दिए।
संतों ने कहा कि इंसान को अपने स्वभाव में विनम्रता और मधुरता लानी चाहिए। जिस प्रकार लोहे और सोने को नरम कर उपयोगी रूप दिया जाता है, उसी प्रकार मनुष्य भी सरल और सहज बनकर समाज में सम्मान और प्रेम प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ मन और सकारात्मक सोच ही उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करती है।
प्रवचन के दौरान संतों ने असत्य, क्रोध और चिंता से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि शास्त्रों का अध्ययन मनुष्य को ज्ञान, संयम और आत्मबल प्रदान करता है।
कार्यक्रम में उज्जैन से पधारे जयकुमार जी और नरेश उदासी ने भगवान श्रीकृष्ण, प्रभु श्रीराम, स्वामी टेऊंराम जी एवं भगवान झूलेलाल के भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया।
संत समागम में नारायणदास लिमानी, रेनू खेमानी, लक्ष्मणदास खेमानी, भगवानदास तोलानी और लक्ष्मणदास गुवलानी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने संतों का स्वागत-अभिनंदन किया।
इस दौरान समाजसेवी अशोक मूलचंदानी, प्रभु ठारवानी, पंकज नारवानी और मोहनदास जी सहित कई सेवाभावी व्यक्तियों का पखड़ पहनाकर सम्मान किया गया।
