
सिद्धार्थनगर। शामली-गोरखपुर हाईस्पीड कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) परियोजना के लिए चिह्नित भूमि के अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आ गई है। इसके तहत जिले के बांसी, डुमरियागंज व इटवा तहसीलों के 88 गांवों में 541 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से भेजे गए भूमि संबंधी प्रस्ताव को सत्यापन के बाद भूमि अध्याप्ति विभाग ने अधिसूचना गजट के लिए भेजा है। जल्द ही अधिसूचना प्रकाशन के बाद किसानों को मुआवजा वितरण कर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इससे एक्सप्रेसवे के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा। वहीं, संबंधित गांवों में भूमि बिक्री और निर्माण कार्यों पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।
जिले से गुजरने वाले शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे के लिए एनएचएआई ने 88 गांवों में 70 मीटर चौड़ाई में भूमि का सर्वे किया है। इसके तहत बांसी तहसील के 45, इटवा के 15 व डुमरियागंज तहसील के 28 गांवों के 1800 किसानों की भूमि अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गईं हैं। एनएचएआई ने खेसरहा क्षेत्र में सर्वे कर कई गांवों के खेतों में झंडी लगा दी है। झंडी वाले स्थल से दोनों तरफ 35-35 मीटर भूमि को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत किया जाना है। सर्वे के अनुसार एलाइनमेंट तय कर लिया गया है। इसमें एनएचएआई कार्यालय अयोध्या में बांसी तहसील के 19,
डुमरियागंज 27 और इटवा के 20 गांव शामिल है जबकि गोरखपुर से बांसी तहसील के 26 गांव को शामिल किया गया है।
एनएचआई ने ड्रोन सर्वे के बाद इन गांवों में चिह्नित भूमि के गाटों की
सूची समेत भूमि अध्याप्ति विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसके सत्यापन के बाद भूमि अध्याप्ति विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-3 ए के तहत भारत के राजपत्र में प्रकाशन के लिए एनएचएआई को भेजा है। इस प्रकाशन में संबंधित गाटों की संख्या और रकबा शामिल रहेगा। राजपत्र में प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन की तरफ से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। वहीं, इससे पहले एडीएम ने तीनों तहसीलों में पत्र भेजकर संबंधित गांवों में भूमि विक्री, निर्माण, भू-उपयोग परिवर्तन न करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले की बेहतर होगी कनेक्टिविटी
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे कुशीनगर में सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे जिले के लोगों का पूर्वोत्तर भारत तक आवागमन सुगम हो जाएगा। वहीं, शामली तक पहुंच होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व हरियाणा के कई जिलों के साथ जुड़ जाएगा। यह एक्सप्रेसवे यूपी के 21 जिलों कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे के जरिये हरियाणा के पानीपत को भी जोड़ने की तैयारी है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 750 किमी होगी। इससे यहां परिवहन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। जिले में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जिले के प्रमुख मार्ग कनेक्ट होंगे एक्सप्रेसवे से
शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे जिले में बांसी के पास एनएच-28 से जुड़ेगा। वहीं, यह एक्सप्रेसवे बांसी-खलीलाबाद और डुमरियागंज-इटवा मार्ग से भी कनेक्ट होगा। इसके अलावा अन्य प्रमुख मार्गों से भी एक्सप्रेसवे जुड़ जाएगा। वहीं, जिले से दो एनएच पहले से ही गुजर रहे हैं, जिनमें एनएच-730 महराजगंज से उसका, शहर, शोहरतगढ़, बढ़नी, बलरामपुर व गोंडा तक जाता है जबकि एनएच-28 जिले के नेपाल सीमा ककरहवा से शहर और बांसी होते हुए बस्ती तक जाती है। दोनों हाईवे से जिले के तीन तहसील क्षेत्र नौगढ़, शोहरतगढ़ और बांसी जुड़े हुए हैं। अब बांसी के साथ ही हाईवे मार्ग से अछूते रहे डुमरियागंज और इटवा तहसील एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे, जिससे जिले के लोगों का इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से आवागमन सुगम हो सकेगा।