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धर्म, भक्ति और अध्यात्म की गूंज से आलोकित बानीगिरोला: रामकथा महोत्सव का भव्य आयोजन”

धर्म, भक्ति और अध्यात्म की गूंज से आलोकित बानीगिरोला: रामकथा महोत्सव का भव्य आयोजन”

“धर्म, भक्ति और अध्यात्म की गूंज से आलोकित बानीगिरोला: रामकथा महोत्सव का भव्य आयोजन”

तिलक राम पटेल संपादक महासमुंद वन्दे भारत लाइव टीवी न्युज चैनल

“बानीगिरोला की पावन धरा पर श्रीराम कथा का दिव्य प्रवाह, भक्तिमय हुआ सम्पूर्ण क्षेत्र”

 

सरायपाली – ग्राम बानीगिरोला (सरायपाली) की पावन धरा इन दिनों धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना की दिव्य आभा से आलोकित हो उठी है। दिनांक 10 से 16 अप्रैल तक आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव श्रद्धा, विश्वास एवं सनातन संस्कृति की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर जनमानस को अनुप्राणित कर रहा है।

महोत्सव का शुभारंभ भव्य एवं ऐतिहासिक कलश यात्रा के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ। पारंपरिक करमा नृत्य, कीर्तन मंडलियों की मधुर ध्वनि, घंट-घड़ियालों की गूंज एवं श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब क्षेत्र की आस्था, श्रद्धा एवं समर्पण का अनुपम प्रतीक रहा।

महोत्सव के द्वितीय दिवस पर संगीतमय श्रीराम कथा का दिव्य प्रवाह अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ निरंतर जारी है। कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, सत्यनिष्ठा, करुणा एवं कर्तव्यपरायणता का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया जा रहा है। पं. अजय उपाध्याय जी (पर्चा वाले महाराज) के श्रीमुख से प्रवाहित कथा श्रोताओं को आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करा रही है।

उनके ओजस्वी एवं प्रभावशाली वचनों से श्रोतागण आत्मचिंतन एवं आत्मसुधार की दिशा में प्रेरित हो रहे हैं। संपूर्ण वातावरण भक्ति-रस से सराबोर होकर एक दिव्य आध्यात्मिक अनुभूति का सृजन कर रहा है।

महोत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जनमानस में सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक चेतना का संचार कर रहे हैं। प्रत्येक श्रद्धालु यहाँ आकर शांति, संतोष एवं नवचेतना का अनुभव कर रहा है।

आयोजन समिति की ओर से समस्त श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस दिव्य कथा का श्रवण कर जीवन को धन्य बनाएं।

उक्त आयोजन को सफल, भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु समिति के सदस्य निरंतर सेवा एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

 

जय श्रीराम • जय सीताराम

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