
मध्य प्रदेश के बीजेपी नेता यूजीसी के खिलाफ बोलने से बचते नजर आ रहे हैं, देखना होगा कि वे समाज के समर्थन में आगे आते हैं या नहीं फिरोजाबाद के शेरनी ने 
यूजीसी कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री शशि तोमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने व्हाट्सएप के माध्यम से अपना त्यागपत्र भेजते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवर्ण समाज के बच्चों की शैक्षणिक स्वतंत्रता को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
शशि तोमर ने कहा कि वह भाजपा की चार बार सक्रिय सदस्य रह चुकी हैं और पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। छात्र जीवन में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ी रहीं और मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में संगठन के लिए कार्य कर चुकी हैं।
उन्होंने यूजीसी कानून को समाज विशेष के बच्चों को गुलामी की ओर धकेलने वाला बताते हुए इसके पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की। हालांकि, शशि तोमर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके इस्तीफे का मतलब योगी सरकार का विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और कार्यों पर उनका भरोसा कायम है और वह आगे भी योगी सरकार का समर्थन करती रहेंगी।
इस घटनाक्रम के बाद फिरोजाबाद की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, जबकि भाजपा की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




