
बार-बार लीक होता है तो कोई अच्छा प्लंबर रखो , NEET Exam रद होने पर इंटरनेट मीडिया में NTA पर तंज
*धनबाद :* भारत सरकार की मंजूरी के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित NEET (UG) 2026 परीक्षा को रद कर दिया है। एजेंसी ने परीक्षा को अलग से अधिसूचित तिथियों पर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया है।
इसके बाद से परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं में काफी आक्रोश दिख रहा है। धनबाद के सेंटरों पर करीब चार हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।
*धनबाद में सात सेंटरों पर शामिल हुए थे 4000 छात्र*
झारखंड के धनबाद जिले में NEET परीक्षा के लिए सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां करीब 4000 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। सबसे अधिक परीक्षार्थी बिनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय और BIT Sindri सेंटर पर शामिल हुए। इन दोनों केंद्रों पर लगभग 1600 छात्र उपस्थित थे। अन्य केंद्रों में आरएस मोर कॉलेज, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज, डिग्री कॉलेज जामाडोबा, केंद्रीय विद्यालय-एक विनोद नगर और IIT (ISM) Dhanbad शामिल थे।
*सोशल मीडिया पर NTA के खिलाफ फूटा छात्रों का गुस्सा*
पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद होने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा खुलकर सामने आया। NTA के आधिकारिक एक्स हैंडल पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने NTA को “नेशनल टोपीबाज एजेंसी” कहा तो किसी ने “नेशनल ठग एजेंसी” लिखकर तंज कसा। डॉ. अनिल पांडेय ने लिखा, “बार-बार लीक होता है तो कोई अच्छा प्लंबर रखो।” वहीं कई यूजर्स ने परीक्षा संचालन के लिए दूसरी एजेंसी लाने की मांग की।
*छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन और फीस की जरूरत नहीं*
NTA ने छात्रों को राहत देते हुए कहा है कि दोबारा परीक्षा के लिए नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और न ही अतिरिक्त परीक्षा शुल्क देना पड़ेगा। पहले से आवेदन कर चुके सभी अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा देने का मौका मिलेगा। एजेंसी ने यह भी कहा कि नई परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड और अन्य सूचनाएं जल्द आधिकारिक वेबसाइट और चैनलों के माध्यम से जारी की जाएंगी।
*देशभर में ट्रेंड कर रहे #NEETReExam और #NEETPaperLeak*
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद इंटरनेट मीडिया पर #NEETReExam और #NEETPaperLeak तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। लाखों छात्र परीक्षा की निष्पक्षता और भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं। कई राज्यों में छात्रों और अभिभावकों ने विरोध भी शुरू कर दिया है। परीक्षा दोबारा कराने के फैसले ने जहां कुछ छात्रों को राहत दी है, वहीं तैयारी और मानसिक दबाव को लेकर असमंजस भी बढ़ गया है।

