
विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो
भूपतवाला स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर में प्रातः स्मरणीय परम पूज्य महंत रामकुमार दास जी महाराज के पावन सानिध्य में गुरु भगवान श्री महंत जगदीश दास जी महाराज की 37वीं पावन पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा एवं पंचकुंडीय श्रीराम महायज्ञ
भूपतवाला स्थित श्री तुलसी मानस मंदिर में प्रातः स्मरणीय परम पूज्य महंत रामकुमार दास जी महाराज के पावन सानिध्य में गुरु भगवान श्री महंत जगदीश दास जी महाराज की 37वीं पावन पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा एवं पंचकुंडीय श्रीराम महायज्ञ में आज संत-महापुरुषों के श्रीमुख से श्रीराम नाम की महिमा पर अमृतमयी वाणी प्रवाहित हुई। संपूर्ण मंदिर परिसर राममय वातावरण से गुंजायमान हो उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए।पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य श्री बालकृष्ण शास्त्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु से जुड़कर ही मनुष्य परम सत्ता तक पहुँचने में सफल होता है। उन्होंने कहा कि भगवान तक पहुँचने का सच्चा मार्ग गुरु ही दिखाते हैं और श्रीराम कथा का बार-बार श्रवण करने से उसका तत्व अंतर्मन में उतरने लगता है। जब मन कथा के तत्वस्वरूप हो जाता है, तब साधक को अपने भीतर ही भगवान श्रीराम की अनुभूति होने लगती है। उन्होंने कहा कि श्रीराम नाम का स्मरण मनुष्य को मोह-माया के बंधनों से मुक्त कर आत्मिक शांति प्रदान करता है।श्री महंत रामकुमार दास जी महाराज ने कहा कि जिसके अंतर्मन में श्रीराम का नाम बस जाता है, उसका जीवन धन्य और सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि राम नाम केवल उच्चारण नहीं, बल्कि जीवन का आधार है, जो मनुष्य को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर अग्रसर करता है|श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर भूपतवाला के महंत गणेश दास जी महाराज ने कहा कि श्रीराम नाम समस्त दुखों का नाश करने वाला और कल्याणकारी मंत्र है। उन्होंने कहा कि राम नाम का स्मरण करने से मन को शांति, बुद्धि को स्थिरता और जीवन को दिशा मिलती है।
प्रातः स्मरणीय परम पूज्य श्री महंत रघुवीर दास जी महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कलियुग में राम नाम ही सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे हृदय से श्रीराम का स्मरण करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट स्वतः दूर होने लगते हैं।
श्री महंत जयराम दास जी महाराज ने कहा कि राम नाम में ऐसी दिव्य शक्ति है जो मनुष्य के भीतर छिपे अज्ञान और अहंकार को समाप्त कर देती है। राम नाम साधना से जीवन में प्रेम, करुणा और सेवा भाव का विकास होता हैमहामंडलेश्वर श्री श्याम दास जी महाराज ने कहा कि श्रीराम नाम का जप आत्मा को परमात्मा से जोड़ने वाला सेतु है। यही नाम साधक को जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त कर मोक्ष के मार्ग की ओर ले जाता है।
श्री महंत बिहारी शरण महाराज, श्री महंत कामेश्वर पुरी जी महाराज, श्री महंत किशन दास जी महाराज, महंत हरेंद्र दास जी महाराज तथा स्वामी अंकित शरण जी महाराज ने भी अपने प्रेरणादायक विचारों में कहा कि श्रीराम नाम का निरंतर स्मरण जीवन को पवित्र, शांत और सफल बनाता है। संत-महापुरुषों ने श्रद्धालुओं से राम नाम जप, भजन-सत्संग और सदाचारपूर्ण जीवन अपनाने का संदेश दिया।
पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने संत-महापुरुषों के विचारों को श्रद्धा पूर्वक श्रवण कर श्रीराम नाम की महिमा को अपने जीवन में धारण करने का संकल्प लिया। स्वामी राघव दास जी महाराज ने कहा जिसे गुरु की शरण प्राप्त हो जाती है जिसे भगवान राम की भक्ति का सत्य मार्ग प्राप्त हो जाता है और जिसके अंतर्मन में भगवान राम की भक्ति हिलोरे मारने लगती है उसके जीवन का उद्धार हो जाता है









