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कैसे हराया…फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आरोपी सहर शेख का कॉरपोरेटर पद रद्द होने की आशंका!

समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
मुंब्रा इलाके में AIMIM पार्टी का युवा चेहरा मानी जाने वाली कॉर्पोरेटर सहर शेख इस समय बड़ी कानूनी मुश्किल में हैं। उनके खिलाफ एक ऑफिशियल कंप्लेंट फाइल की गई है, जिसमें गंभीर आरोप लगाया गया है कि नगर निगम चुनाव के दौरान उन्होंने जो जाति सर्टिफिकेट जमा किया था, वह नकली है। इस कंप्लेंट की वजह से मुंब्रा इलाके का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है, और अब कॉर्पोरेटर के तौर पर सहर शेख की पोजीशन खतरे में है।
इस केस का बैकग्राउंड यह है कि सहर शेख ने यह चुनाव रिज़र्व कैटेगरी से लड़ा था और जीत भी गई थी। लेकिन, शिकायत करने वाले ने सबूतों के साथ दावा किया है कि सहर शेख ने अपनी असली जाति छिपाकर और डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर करके बैकवर्ड क्लास कैटेगरी का नकली सर्टिफिकेट बनवाया है। इस शिकायत में न सिर्फ़ जाति सर्टिफिकेट की बात कही गई है, बल्कि यह भी कहा गया है कि उस सर्टिफिकेट के लिए जमा किए गए वंशावली और दूसरे पुराने सर्टिफिकेट भी शक के घेरे में हैं।
सिद्दीकी अहमद ने सहर शेख के जाति सर्टिफिकेट को वेरिफाई करने के लिए ठाणे सब-डिविजनल ऑफिसर के ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी। यूनुस ने फॉर्म 8 का इस्तेमाल करके अधिकारियों को गुमराह किया, जबकि फॉर्म 10 माइग्रेंट्स के लिए लागू था और नकली सर्टिफिकेट हासिल कर लिया। इसी आधार पर सिद्दीकी अहमद ने सहर द्वारा मुंबई सिटी कलेक्टरेट से लिए गए जाति सर्टिफिकेट को वेरिफाई करके जांच की मांग की है।

यह मामला अब एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर गंभीर होता जा रहा है। अगर जाति वेरिफिकेशन कमेटी की जांच में यह सर्टिफिकेट इनवैलिड या नकली साबित होता है, तो सहर शेख की कॉर्पोरेटर पोस्ट कैंसिल हो सकती है। AIMIM ने NCP के गढ़ में सेंध लगाकर मुंब्रा में अपनी पकड़ बनाई थी, इसलिए पूरे ठाणे जिले का ध्यान इस कानूनी लड़ाई की ओर गया है।
सिद्दीकी अहमद ने सहर शेख के जाति सर्टिफिकेट को वेरिफाई करने के लिए ठाणे सब-डिविजनल ऑफिसर के ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई थी। यूनुस ने फॉर्म 8 का इस्तेमाल करके अधिकारियों को गुमराह किया, जबकि फॉर्म 10 माइग्रेंट्स के लिए लागू था और नकली सर्टिफिकेट हासिल कर लिया। इसी आधार पर सिद्दीकी अहमद ने सहर द्वारा मुंबई सिटी कलेक्टरेट से लिए गए जाति सर्टिफिकेट को वेरिफाई करके जांच की मांग की है।

यह मामला अब एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर गंभीर होता जा रहा है। अगर जाति वेरिफिकेशन कमेटी की जांच में यह सर्टिफिकेट इनवैलिड या नकली साबित होता है, तो सहर शेख की कॉर्पोरेटर पोस्ट कैंसिल हो सकती है। AIMIM ने NCP के गढ़ में सेंध लगाकर मुंब्रा में अपनी पकड़ बनाई थी, इसलिए पूरे ठाणे जिले का ध्यान इस कानूनी लड़ाई की ओर गया है।
दूसरी तरफ, सहर शेख के सपोर्टर इन सभी आरोपों से इनकार कर रहे हैं। यह सिर्फ़ पॉलिटिकल फ़ायदे की कोशिश है, और उनका ग्रुप भरोसा जता रहा है कि कोर्ट और कमेटी के सामने सभी डॉक्यूमेंट्स वैलिड होंगे।

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