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गुरु भगवान तुरियानन्द महाराज का 55 वा निर्वाण दिवस महोत्सव मनाया गया

विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो

 गुरु भगवान तुरियानन्द महाराज का 55 वा निर्वाण दिवस महोत्सव मनाया गया

हरिद्वार  के पवित्र भूपतवाला क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध तुरियानन्द ट्रस्ट के तत्वाधान में ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 गुरु भगवान स्वामी तुरियानन्द जी महाराज का 55वाँ निर्वाण दिवस अत्यंत भव्य, दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण में विशाल संत समागम के रूप में श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संत महापुरुषों, महंतों, महामंडलेश्वरों एवं भक्तजनों की गरिमामय उपस्थिति ने सम्पूर्ण आश्रम परिसर को दिव्यता से आलोकित कर दिया, इस अवसर पर प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चारण, गुरु पूजन एवं हवन-यज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ जिसके पश्चात संतों के श्रीमुख से निकली ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की अमृतमयी वाणी ने उपस्थित श्रद्धालुओं के जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान की, स्वामी श्री श्री 1008 विवेकानंद गिरी महाराज की अपार कृपा एवं संरक्षण में आयोजित इस विराट संत सम्मेलन में स्वामी तुरियानन्द ट्रस्ट द्वारा समस्त आगंतुक संतों का विधिवत सम्मान एवं स्वागत किया गया तथा श्रद्धालु भक्तों ने संतों के पावन आशीर्वचनों को ग्रहण कर अपने जीवन को कृतार्थ माना, महामंडलेश्वरों एवं वरिष्ठ संतों ने अपने प्रवचनों में धर्म, सत्य, सेवा, संयम एवं भक्ति को जीवन का आधार बताते हुए समाज को सद्मार्ग पर चलने का संदेश दिया और कहा कि गुरु की शरण ही जीवन का वास्तविक कल्याण मार्ग है, कार्यक्रम में गद्दी नसीन श्री श्री 1008 स्वामी विवेकानंद गिरी महाराज ने सभी संतों का भावपूर्ण स्वागत कर आभार व्यक्त किया तथा समस्त संगत को आशीर्वाद प्रदान किया, इस दिव्य अवसर पर वातावरण में निरंतर भजन-कीर्तन, गुरु वंदना एवं धार्मिक घोष गूंजते रहे जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर हो गया, इस अवसर पर यह पावन संदेश भी दिया गया कि गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर जीवन में प्रकाश भरते हैं, जैसा कि कहा गया है गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः तथा एक अन्य दोहा भी स्मरण कराया गया गुरु बिन ज्ञान न उपजे गुरु बिन मिले न मोक्ष, गुरु बिन भवसागर तरै नहीं यही शास्त्र का पक्ष, अंत में समस्त भक्तजनों ने गुरु चरणों में नतमस्तक होकर अपने जीवन को धन्य माना और यह दिव्य आयोजन आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का अनुपम संगम बनकर सभी के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया। इस अवसर पर अनंत विभूषित स्वामी विश्वात्मातानंद पुरी महाराज पीठाधीश्वर साधना सदन अनंत विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद पुरी पीठाधीश्वर साधना सदन श्री महंत ज्ञान देव महाराज आचार्य श्री स्वामी केशवानंद गिरी महाराज आचार्य श्री स्वामी दिनेशानंद गिरि महाराज महंत ज्ञानानंद महाराज आचार्य श्री स्वामी सदा शिवानंद गिरि महाराज अनंत विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी अभिषेक चैतन्य महाराज परम पूज्य अनंत विभूषित स्वामी विज्ञानानंद महाराज महामंडलेश्वर स्वामी शिवानंद महाराज अनंत विभूषित महामंडलेश्वर विजयानंदपुरी महाराज स्वामी सुदर्शन जी महाराज आचार्य स्वामी हरिहरानंद महाराज महंत रवि देव महाराज महंत दिनेश दास महाराज स्वामी सूर्य दास महाराज आचार्य डॉ प्रेमानंद महाराज आचार्य स्वामी प्रज्ञानंद पुरी महाराज के साथ-साथ अनेकों संत महापुरुष तथा ट्रस्ट के संरक्षक स्वामी विवेकानंद गिरी महाराज ट्रस्ट के अध्यक्ष ओमप्रकाश अरोड़ा उपाध्यक्ष महेंद्र पाल ढल्ल प्रवीण वाधवन महासचिव अमित वत्स कोषाध्यक्ष सुभाष चंद्र मल्होत्रा संयुक्त सचिव श्री सुदर्शन बजाज सदस्य ट्रस्टी के अनुसार शास्त्री महेंद्र सिंह जी श्रीइसान मल्होत्रा सहित भारी संख्या में टेस्ट के पदाधिकारी सदस्य तथा भक्तगण तथा संत महापुरुष उपस्थित थे सभी ने आयोजित विशाल भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया

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