
समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
माननीय पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे के 16 से 18 अप्रैल तक प्रस्तावित दौरे को देखते हुए चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई और रखरखाव का काम किया जा रहा है। आमतौर पर नियमित रूप से होने वाले इन कार्यों को दौरे के मद्देनजर विशेष प्राथमिकता दी गई है, ताकि मंत्री को किसी भी तरह की खामी न मिले।
सूत्रों के अनुसार, CTPS प्रबंधन ने सभी विभागों को 26 बिंदुओं पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
*प्रमुख निर्देशों में शामिल हैं:*
1. *धूल नियंत्रण:* LT रोपवे एरिया, CHP की सभी सड़कें और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पानी का छिड़काव किया जाएगा। रिजेक्ट यार्ड में नया रिजेक्ट नीचे से उतारा जाएगा ताकि धूल न उड़े। TP, क्रशर हाउस और बेल्ट ट्रांसफर पॉइंट से धूल निकलना पूरी तरह रोका जाएगा।
2. *ऐश हैंडलिंग:* ऐश बल्कर पर पानी छिड़का जाएगा और टायरों पर राख नहीं होनी चाहिए। ऐश लाइन से कोई लीकेज नहीं होना चाहिए। यूनिट-4 में गीली राख को लगातार निकाला जाएगा ताकि स्टैक एमिशन मानकों में रहे।
3. *पानी और अपशिष्ट प्रबंधन:* ETP का गंदा पानी, CHP का काला पानी और रणवेंडाली नाले से कोई भी पीला या काला डिस्चार्ज बाहर नहीं जाना चाहिए। सभी नालों की कड़ी निगरानी की जाएगी। खतरनाक वेस्ट शेड पर बोर्ड लगेगा और उसकी जगह चिन्हित की जाएगी।
4. *प्लांट मेंटेनेंस:* कोल मिल लीकेज, खासकर यूनिट-3 में, तुरंत रोका जाएगा। सभी यूनिट्स पर अमोनिया डोज़िंग की व्यवस्था रहेगी। विचोड़ा के पास CP-240 के टैंक खाली और साफ रखे जाएंगे।
5. *अन्य इंतजाम:* VIP गेस्ट हाउस के सभी इंतजाम चेक किए जाएंगे। हफ्ते भर के लिए 3 एक्स्ट्रा मोबाइल फॉगर लगाए जाएंगे। तालाब की राख के लिए VIPL एग्रीमेंट तुरंत पूरा होगा और भद्रावती प्रोजेक्ट के लिए क्रेटा ऐश देने हेतु हेड ऑफिस को पत्र भेजा जाएगा। ऐश बंड पर राख की मात्रा से जुड़ी VNIT रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
स्टैक से निकलने वाले एमिशन को निर्धारित सीमा में रखने और लाइम डोज़िंग जारी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रबंधन का मकसद है कि दौरे के दौरान पर्यावरण मानकों का पूरी तरह पालन दिखे।





