

सहारनपुर में संदिग्ध हालात में युवक की मौत: मेडिकल स्टोर और पत्रकार संरक्षण जांच के घेरे में
नशे के इंजेक्शन से मौत की आशंका, CCTV की जांच जरूरी
रिपोर्ट: एलिक सिंह | वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ | सहारनपुर
स्थान: रसूलपुर, सहारनपुर | दिनांक: 26 मई 2025
सहारनपुर के रसूलपुर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब दानिश कॉलोनी निवासी आमिर (पुत्र असलम) की डेड बॉडी स्टार पैलेस के सामने स्थित एक प्लाट में पड़ी मिली। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूत्रों के मुताबिक – नशे का इंजेक्शन बना मौत का कारण?
सूत्र बताते हैं कि आमिर नशे का आदी था। बताया जा रहा है कि उसने घटना से पहले रसूलपुर के एक मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदा और मौके पर ही उसे लगाया। इसी समय दो अन्य युवक भी उसके साथ थे, जिन्होंने भी इंजेक्शन लिया था, लेकिन उन्हें उनके परिजन घटना के तुरंत बाद किसी अज्ञात स्थान पर ले गए।
मेडिकल स्टोर की भूमिका संदिग्ध, कौन पत्रकार दे रहा था संरक्षण?
यह गहन जांच का विषय है कि मेडिकल स्टोर से बिना पर्ची के युवक को नशे का इंजेक्शन कैसे मिला। सूत्रों का कहना है कि यह मेडिकल स्टोर गुरुप मेडिकल के नाम से जाना जाता है, और वर्षों से संभावित नशे के व्यापार में संलिप्त है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि कुछ स्थानीय पत्रकार इस मेडिकल स्टोर की आड़ में वसूली करते हैं और उसे संरक्षण देते हैं।
क्या इस केस में भी किसी पत्रकार की भूमिका रही है, यह जांच का विषय है।
CCTV फुटेज से खुल सकते हैं कई राज
घटनास्थल और आस-पास जिन दुकानों और इमारतों पर CCTV कैमरे लगे हैं, उनके फुटेज खंगालना बेहद जरूरी है। इससे यह साफ हो सकता है कि –
आमिर मेडिकल स्टोर तक गया था या नहीं,
उसके साथ कौन-कौन युवक थे,
इंजेक्शन कब और कैसे लगाया गया,
और क्या घटना में कोई बाहरी व्यक्ति शामिल था?
स्थानीय निवासियों की मांग – हो निष्पक्ष जांच
स्थानीय लोगों का कहना है कि रसूलपुर क्षेत्र में नशे का कारोबार पिछले कुछ समय से तेजी से बढ़ा है। मेडिकल स्टोर की आड़ में युवाओं को मौत की ओर धकेला जा रहा है, और कुछ प्रभावशाली लोग (संभवतः पत्रकार और जनप्रतिनिधि) इस पर पर्दा डालते रहे हैं।
प्रशासन से अपेक्षा – कठोर कदम और पारदर्शिता
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन से मांग की जा रही है कि:
मेडिकल स्टोर की लाइसेंस वैधता और बिक्री रजिस्टर की जांच हो
इंजेक्शन की क्वालिटी और सप्लायर की जांच हो
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करके त्वरित जांच शुरू हो
दूसरे दो युवकों को चिन्हित कर मेडिकल परीक्षण कराया जाए
इस घटना से जुड़े किसी भी पत्रकार या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका उजागर की जाए
निष्कर्ष
रसूलपुर में आमिर की मौत सिर्फ एक युवक की नहीं, बल्कि प्रशासन और समाज की चेतना की परीक्षा है। अगर समय रहते नशे के इस अंधे व्यापार पर लगाम नहीं लगी, तो यह आग पूरे जनपद को अपनी चपेट में ले लेगी।
✍️ एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महामंत्री – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
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