

🚨🚨 MEGA BIG BREAKING | सहारनपुर विकास प्राधिकरण में बड़ा घोटाला? जोन-3 में बिना नक्शे के सैकड़ों कमर्शियल निर्माण, ‘नोटिस-नोटिस’ के खेल से दबाया जा रहा मामला 🚨🚨
सहारनपुर
सहारनपुर शहर में विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। सहारनपुर विकास प्राधिकरण के जोन-3 क्षेत्र में अवैध निर्माणों को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की खबर सामने आई है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यहां जेई/मेट स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से बिना मानचित्र स्वीकृति के सैकड़ों कमर्शियल निर्माण धड़ल्ले से पूरे करवा दिए गए हैं।
सूत्र बताते हैं कि इन निर्माणों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि शहर के अन्य क्षेत्रों में छोटे-छोटे निर्माणों पर तत्काल सीलिंग और बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि जोन-3 में नियमों को दरकिनार कर एक संगठित तरीके से अवैध निर्माणों को संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्र और बढ़ता आक्रोश
जोन-3 के अंतर्गत आने वाले कामधेनु क्षेत्र, बेहट रोड, देहरादून रोड और अंबाला रोड जैसे प्रमुख इलाकों में सैकड़ों कमर्शियल भवन बिना नक्शा पास कराए ही तैयार हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन बड़े प्रोजेक्ट्स पर केवल औपचारिक नोटिस जारी कर मामले को दबा दिया जाता है, जबकि आम नागरिकों के छोटे निर्माणों पर तुरंत कार्रवाई होती है।
इस दोहरी नीति से आम जनता में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्राधिकरण की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है, जबकि असल में बड़े निर्माणकर्ताओं को खुला संरक्षण दिया जा रहा है।
‘नोटिस-नोटिस’ का खेल और राजस्व का नुकसान
सूत्रों के मुताबिक, प्राधिकरण के कुछ कर्मचारी और अधिकारी इस पूरे खेल में शामिल हैं। अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी कर दिए जाते हैं, लेकिन आगे कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। फाइलों को दबाकर या आपसी सेटिंग के जरिए निर्माण कार्यों को पूरा होने दिया जाता है।
इस लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण प्राधिकरण को लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही, शहर की योजनाबद्ध विकास व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे भविष्य में शहरी अव्यवस्था और बढ़ सकती है।
बुलडोजर एक्शन पर सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्राधिकरण अन्य जोनों में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई का दावा कर रहा है। लेकिन जोन-3 में चल रहे इस “बड़े खेल” पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे प्राधिकरण की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और सूत्रों ने मांग की है कि प्राधिकरण के उच्च अधिकारी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं। दोषी जेई/मेट और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए और सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील या ध्वस्त किया जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो यह घोटाला और बड़ा रूप ले सकता है। अब सबकी नजर प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों पर टिकी है कि वे इस “नोटिस के खेल” को खत्म कर वास्तविक कार्रवाई कब करते हैं।
(यह रिपोर्ट विश्वसनीय सूत्रों और स्थानीय जानकारी पर आधारित है। आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जांच की प्रतीक्षा है।)
✍ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – हलचल इंडिया न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
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