
बाड़मेर, सेड़वा ग्राम पंचायत सोनड़ी के किसानों की खड़ी फसलों को निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश लगातार नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर सोनड़ी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार मांगीलाल विश्नोई (वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज एवं समृद्ध भारत अखबार) ने ग्रामीण सेवा शिविर प्रभारी एवं तहसीलदार सेड़वा को विस्तृत परिवाद सौंपा है।

प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया कि ग्राम पंचायत सोनड़ी में श्री गुरु जंभेश्वर गौशाला संस्थान होने के बावजूद निराश्रित गोवंश खुले में विचरण कर रहे हैं। ये गोवंश सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और किसानों की कृषि भूमि में जाकर फसलें नष्ट कर रहे हैं। जबकि ग्रामीण हर साल चारे की व्यवस्था, आर्थिक सहयोग एवं भोजन (लापसी) उपलब्ध कराते हैं।
शिकायत में गौशाला समिति, अध्यक्ष, कार्यकारिणी, ग्राम पंचायत पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। परिवाद में यह भी कहा गया कि राजस्थान गोपालन विभाग के आदेश दिनांक 25.02.2019 एवं 13.02.2025 तथा राजस्थान पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के अनुसार निराश्रित गोवंश को खुले में छोड़ना अपराध है।
सामाजिक कार्यकर्ता मांगीलाल विश्नोई ने 15 दिवस में कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में मामला उच्चाधिकारियों, माननीय संभागीय आयुक्त, राज्य गोपालन विभाग और आवश्यकता पड़ने पर माननीय उच्च न्यायालय, राजस्थान की संज्ञानार्थ प्रेषित करने की चेतावनी दी है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि ग्राम पंचायतों के कुल बजट का 10% भाग निराश्रित गोवंश पर व्यय हेतु आरक्षित है, किंतु उसका प्रभावी उपयोग नहीं किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण बिंदु :
1. किसानों की फसलें गोवंश से बर्बाद हो रही हैं।
2. गौशाला होने के बावजूद गोवंश सड़कों व खेतों में घूम रहे हैं।
3. ग्रामीण हर साल चारे व आर्थिक सहायता देते हैं।
4. आदेशों और कानून की पालना नहीं हो रही है।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके।





