
🟥 मथुरा में संतों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी टकराव की घटना: मंदिर कॉरिडोर परियोजना के विरोध में भगवाधारी ने अपने कपड़े फाड़ दिए, भाजपा अध्यक्ष से मिलने का प्रयास रुक गया
मथुरा-वृंदावन में मंगलवार को धार्मिक और प्रशासनिक विवाद का मामला सामने आया, जब साधु-संतों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। जानकारी के अनुसार, कुछ संत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। विरोध स्वरूप एक भगवाधारी संत ने कथित तौर पर अपने ही कपड़े फाड़ दिए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और उपस्थित लोगों में आक्रोश फैल गया।
घटना का केंद्र वृंदावन स्थित श्री बांकेबिहारी जी मंदिर का कॉरिडोर परियोजना बताया जा रहा है। मंदिर के सेवायत गोस्वामी इस योजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजना पारंपरिक व्यवस्था, मंदिर की प्राचीन संरचना और धार्मिक स्वरूप को प्रभावित कर सकती है। वहीं प्रशासन का तर्क है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह सुधार आवश्यक है।
इस दौरान पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और संतों को समझाकर वहां से हटाया। लेकिन इस घटना ने धार्मिक भावना, प्रशासनिक निर्णय और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा अब केवल मंदिर कॉरिडोर तक सीमित नहीं रहकर आस्था बनाम प्रशासनिक हस्तक्षेप की बहस में तब्दील हो गया है।
विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्थानीय निवासियों ने इस घटना की निंदा की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को संतों की भावनाओं और धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।
फिलहाल, मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है, और प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो चीफ – हलचल इंडिया न्यूज़, सहारनपुर
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