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एनके एरिया में श्रमिकों,ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सीटू ने अरूप चटर्जी से की मुलाकात।।

एनके एरिया में श्रमिकों,ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सीटू ने अरूप चटर्जी से की मुलाकात।।

संवाददाता/राशीद अंसारी खलारी

खलारी। बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (सीटू) ने एनके एरिया में श्रमिकों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर निरसा के विधायक और जेबीसीसीआई सदस्य अरूप चटर्जी से मुलाकात की है। यूनियन ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर 18 सितंबर को केडीएच खदान में काम बंद करने की चेतावनी दी है। विधायक अरूप चटर्जी ने यूनियन के इस आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात कही है।बीसीकेयू के एनके एरिया के जोनल अध्यक्ष रतिया गंझू, क्षेत्रीय सचिव इरफान खान, सह सचिव तौहीद अंसारी, जंगबहादुर राम, दर्शन गंझू और अमर भोगता ने अरूप चटर्जी से मिलकर समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूनियन अपनी नौ मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है और अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो 18 सितंबर को केडीएच खदान में काम बंद कर दिया जाएगा। विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि बीसीकेयू (सीटू) हमेशा से आंदोलनों के लिए जानी जाती है, और वे इस लड़ाई में पूरी तरह से यूनियन के साथ हैं।

यूनियन की नौ प्रमुख मांगें

केडीएच खदान के आसपास रहने वाले लोगों को भू-धसान, जहरीली गैस और धुएं की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। चारों ओर आग लगी हुई है, जिससे निकलने वाले डस्ट से लोग बीमार हो रहे हैं। यूनियन ने इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की है। तुमांग, विश्रामपुर और जेहलीटांड़ गांवों के लोगों को, जो केडीएच खदान के ऊपर रह रहे हैं, उन्हें कंपनी की पुनर्वास नीति के तहत जल्द से जल्द विस्थापित किया जाए। संडे ड्यूटी में चार दिन के फिजिकल की शर्त को खत्म किया जाए। कामगारों के जर्जर हो चुके आवासों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए। क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाई जाए।सिविल और ईएंडएम विभाग के बड़े कामों को छोटे हिस्सों में तोड़कर टेंडर निकाले जाएं, ताकि छोटे ठेकेदारों को भी मौका मिल सके। झारखंड सरकार द्वारा घोषित 75 प्रतिशत स्थानीय और विस्थापित बेरोजगारों को मधुकॉम कंपनी में रोज़गार दिया जाए। केडीएच खदान के पास स्थित जेहलीटांड़ मस्जिद में दरारें आ रही हैं और जहरीली गैस निकल रही है। इसे विस्थापित करके पूरी तरह से फिर से बनाया जाए। पूरे इलाके में फैली गंदगी को साफ किया जाए और कॉलोनियों की नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

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