

डीडवाना-कुचामन भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में उनके जीवनवृत और आदर्शों पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलक्टर विकास मोहन भाटी ने की। समारोह की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता श्री बुद्धाराम गिर्वा ने डॉ. अंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन, उनकी शिक्षाओं और भारतीय संविधान के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर न केवल एक विधिवेत्ता थे, बल्कि एक महान समाज सुधारक और अर्थशास्त्री भी थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक समानता और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
अतिरिक्त जिला कलक्टर विकास मोहन भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हैं। उनके ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के नारे को आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कलेक्ट्रेट के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों से बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलते हुए निष्पक्षता और सेवा भाव से कार्य करने का आह्वान किया। इस दौरान अन्य वक्ताओं ने भी बाबा साहेब के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला समाज कल्याण अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार 11 से 14 अप्रैल तक डॉ. भीमराव अंबेडकर जयन्ती के उपलक्ष में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, इसी क्रम में सोमवार को डॉ. अम्बेडकर के जीवनवृत और उनके दर्शन पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।
कार्यक्रम में तहसीलदार ओम प्रकाश मेव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कैलाश सोलंकी द्वारा किया गया।






