

सूरजपुर: दुरुस्त क्षेत्र चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत करौटी ए (आश्रित ग्राम चोंग) में तेंदूपत्ता फंड मुंशी को लेकर उठा विवाद अब जांच के बाद पूरी तरह साफ हो गया है। जांच में लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परमानंद साहू ने फंड मुंशी सुंदरलाल साहू पर हितग्राहियों की गड्डी मनमाने तरीके से काटने का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 2 अप्रैल 2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देश पर विभागीय जांच कराई गई। जांच के दौरान विभागीय टीम ने हितग्राहियों की मौजूदगी में साप्ताहिक पुस्तिका, डेली बुक और हितग्राही कार्ड का बारीकी से मिलान किया। जांच में स्पष्ट रूप से पाया गया कि किसी भी प्रकार की गड्डी कटौती नहीं हुई है और सभी दस्तावेज सही हैं। इस प्रकार लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुए। जांच के बाद यह भी सामने आया कि फंड मुंशी को पद से
हटाने के उद्देश्य से झूठा आवेदन देकर अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की गई। इससे पूरे मामले में साजिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मामला सामने आने और मीडिया में प्रकाशित होने के बावजूद प्रशासन की ओर से झूठी शिकायत करने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की भूमिका को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों में
नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने मांग की है कि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सामने लाया जाए। कुल मिलाकर, जांच में सच्चाई सामने आने के बाद भी कार्रवाई का अभाव प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं



