
सेंट्रल जेल इंदौर में सर्वधर्म सद्भाव के साथ रोज़ा इफ्तार, बंदियों को दिया सदाचार का संदेश
जुर्माना भरकर बंदी को रिहा कराया, कार्यक्रम में अमन-भाईचारे की दुआ
इंदौर (हमीद कुरैशी) रमज़ान के पाक महीने में सेंट्रल जेल इंदौर में सर्वधर्म सद्भाव और कौमी एकता का संदेश देते हुए रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय मानव अधिकार परिषद के तत्वाधान में आयोजित हुआ, जिसमें जेल में बंद बंदियों के साथ मिलकर हफ्त्तार किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शहर काजी डॉ. इसरत अली, श्याम सुंदर यादव, युवा नेता राहुल निहोरे, जेलर संतोष लड़िया, मदन मिमरोट, रमेश गौमे, प्रकाश कुंवाल, जेलर नागर और नदीम खान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन भारतीय मानव अधिकार परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सलीम शेख ने किया, जबकि संचालन युवा समाजसेवी राहुल निहोरे ने किया। कार्यक्रम के दौरान शहर काजी डॉ. हसरत अली, जेलर संतोष लड़िया सहित सभी अतिथियों ने बंदियों को रोज़े के महत्य के बारे में बताया और समाज में सही मार्ग पर चलकर बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपत्र हुआ। इस अवसर पर संजीव वेद, अज्जू शेख, राजू, हमीद कुरैशी, रितेश चंदाचोरिया, तौसीफ शेख, राकेश अरोरा, सरदार मोहन सिंह, रितु छाबड़ा, सना खान, अलीशा खान, मंजू शर्मा, वारिस खान और जुनेद खान विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान एक भावुक घटना भी सामने आई। जेल में एक गरीय बंदी जुमनि की राशि न भर पाने के कारण बंद था और काफी परेशान था। इसकी जानकारी मिलते ही सलीम शेख ने भौके पर ही उसका जुर्माना स्वयं भरकर उसे तत्काल रिहा करवाया, जिसकी सभी ने सराहना की। विगत कई वर्षों से भारतीय मानव अधिकार परिषद द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की भव्यता और सौहार्द को देखकर सभी उपस्थित लोगों ने इसकी प्रशंसा की। इस दौरान सभी ने एक साथ दुआ कर अपने गुनाहों से तौबा की और भविष्य में गलत रास्तों पर न चलने का संकल्प लिया। अंत में नदीम भाई ने देश में अमन और भाईचारे के लिए दुआ की। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन तौसीफ शेख द्वारा किया गया।







