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चैनपुर विधानसभा से वीआईपी से आरजेडी के खिलाफ बग़ावत

10/11/2025

 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025

चैनपुर विधानसभा में इंडिया गठबंधन की अंदरूनी कलह तेज़ — दो प्रत्याशियों के चलते कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष, वोटर भी उलझन में

 

कैमूर/चैनपुर।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन चुनाव की तारीख़ नज़दीक आते ही चैनपुर विधानसभा का माहौल और अधिक उलझता जा रहा है। इंडिया महागठबंधन में जारी आंतरिक मतभेद अब खुले रूप में सामने आने लगे हैं। इसी सीट पर गठबंधन से दो-दो प्रत्याशियों के नामांकन करने से शुरू हुई राजनीतिक गुत्थी मतदान से ठीक पहले और उलझती दिखाई देने लगी है।

 

चैनपुर से महागठबंधन के दो उम्मीदवार—एक तरफ़ आरजेडी के सिंबल पर ब्रिजकिशोर बिंद और दूसरी ओर वीआईपी पार्टी के सिंबल पर बालगोविंद बिंद—अपने-अपने तरीके से प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं। शुरू में लोगों को उम्मीद थी कि आगे चलकर दोनों में से कोई एक नाम वापस ले लेगा, पर समय बीतता गया और उलझनें कम होने के बजाय और तीखी होती गईं।

 

ब्रिजकिशोर बिंद का कहना है कि “हम दोनों में फ्रेंडली फाइट है”, जबकि वीआईपी प्रत्याशी बालगोविंद बिंद ने इसे स्पष्ट रूप से नकारते हुए कहा, “हम दोनों के बीच कोई फ्रेंडली फाइट नहीं है।” इससे कार्यकर्ताओं और वोटरों में असमंजस की स्थिति बनी रही।

 

स्थिति तब और दिलचस्प हो गई जब हाटा हाईस्कूल मैदान में वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी का आगमन हुआ। मंच से उन्होंने बालगोविंद बिंद को महागठबंधन का अधिकृत प्रत्याशी बताते हुए कहा—“सूरज पूरब से पश्चिम निकल सकता है, मगर चैनपुर से बालगोविंद बिंद ही चुनाव लड़ेंगे।” उन्होंने यह भी दावा किया कि तेजस्वी यादव जल्द ही बालगोविंद बिंद के समर्थन में प्रचार करेंगे।

 

लेकिन इसी बात का उलट नज़ारा 9 नवंबर 2025 को भभुआ में देखने को मिला। तेजस्वी यादव की सभा में उन्होंने मंच पर ब्रिजकिशोर बिंद के गले में माला पहनाई और उन्हें ही महागठबंधन का उम्मीदवार बताते हुए वोट करने की अपील कर दी। इस कदम के बाद चैनपुर विधानसभा में महागठबंधन के भीतर की दरार पूरी तरह उजागर हो गई।

 

वीआईपी पार्टी के कैमूर जिला अध्यक्ष शिवदास बिंद ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपने सभी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा—“हम लोगों के साथ धोखा हुआ है। अब हम आरजेडी के विरुद्ध अभियान चलाएंगे।”

 

इस तरह की बयानबाज़ी और दोहरे संकेतों ने चैनपुर विधानसभा में इंडिया महागठबंधन के वोटरों को गहरे असमंजस में डाल दिया है। मतदाता समझ नहीं पा रहे कि गठबंधन का आधिकारिक उम्मीदवार कौन है और पार्टी नेतृत्व की रणनीति क्या है।

 

जैसे-जैसे चुनावी तारीख़ करीब आ रही है, चैनपुर की यह सीट महागठबंधन की राजनीतिक एकता की सबसे बड़ी परीक्षा बनकर उभर रही है।

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