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जीएसटी सुधार का असर आमजनता को मिलेगा फायदा

सरकार विभिन्न उद्योगों के साथ बैठकर समस्या निपटाने का प्रयास कर रही

वंदेभारतलाइवटीव न्युज, रविवार 06 सितंबर 2025-: भारत सरकार ने जीएसटी सुधारों को लागू किए जाने की तारीख को शायद इस उद्देश्य के साथ तय करने की कोशिश की है कि त्योहारों के अवसरों पर देश की आम जनता को इसका फायदा मिल सके। भारत सरकार जीएसटी सुधार का फायदा 22 सितंबर 2025 से लागू करने योजना बना रही है।इसके लिए सरकार विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के साथ बैठक कर इसके छोटी बड़ी समस्याओं को सुलझाने का प्रयत्न भी कर रही है। प्राप्त जानकारी अनुसार जीएसटी सुधार के अंतर्गत कुल 413 वस्तुओं पर टैक्स की दरों में कमी लाने की कोशिश की गई है। यह सभी वसतुएं आम जनता के दैनिक जीवन से जुड़ी हुई हैं। जीएसटी उत्पादन एवं वितरण के कई चरणों में कर को लगाया जाता है। इसके लिए कंपनियां इनपुट के लिए भुगतान किए गए जीएसटी पर टैक्स क्रेडिट का दावा करती हैं। एकबार माल का चालान हो जाने के बाद विक्रय के समय की दर के आधार पर जीएसटी लॉक हो जाता है। इसका तात्पर्य यह है कि 22 सितंबर 2025 से पूर्व डीलरों को भेजे गए उत्पादों पर पुरानी दरों पर ही मूल्य टैग लगे होंगे। विशलेषज्ञों के अनुसार वितरक उच्च दरों पर खरीदे गए इन्वेंट्री के लिए समायोजन की मांग कर सकते हैं। कंपनियों की ईआरपी प्रणाली, पाइंट ऑफ सेल टर्मिनलों तथा बिलिंग सॉफ्टवेयर को भी अपडेट करना होगा। बड़ी बड़ी खुदरा श्रृंखलाएं तेजी के साथ सब सही कर लेंगी परन्तु छोटे और पारंपरिक किराना स्तर के खुदरा विक्रेताओं को सही समय पर इस सिस्टम को अपडेट करने में परेशानी होगी। भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के अंतिम उपभोक्ता को किसी भी प्रकार से जीएसटी सुधार का लाभ प्राप्त होना चाहिए। जीएसटी सुधार के बाद कंपनियां छोटे बड़े पैक मतलब कि 5-10 रूपय तक वाले नमकीन, बिस्कुट आदि के लिए इसके सामग्री का वजन बड़ा सकती है, इनका मूल्य वही रहेगा। टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू जैसे अन्य दैनिक उनयोगी वस्तुओं के लिए संशोधित दरों के स्टिकर लगाये जायेंगे। जानकारी के अनुसार पुराने स्टॉकों पर कीमतों के अंतर को निर्माताओं, वितरकों, एवं इसके खुदरा विक्रेताओं के मध्य क्रेडिट नोट प्रणाली के तहत समायोजित किया जायेगा। टीवी , एसी, वाशिंग मशीन, फ्रीज, आदि विक्रय करने वाली कंपनियों ने डीलरों को यह आश्वासन दिया कि वे पुरानी दरों पर बिल किए गए बिना बिके हुए माल होने पर इसके होने वाले नुकसान को वहन करेंगी। जानकारी के अनुसार पहले 20,000 हजार रूपय तक के बिल वाले एसी पर 5,600 रूपय का जीएसटी लगता था अब यह घटकर 3,600 रूपय तक हो जायेगा। 22 सितंबर 2025 के बाद प्रति यूनिट 2,000 रूपय के नुकसान से बचने के लिए कुछ निर्माता इसकी क्षतिपूर्ति के लिए भी तैयार हैं। इस पर अब टैक्स 28% से घटकर 18% हो गया है। बीमा के किश्तों पर झटका लग सकता है। व्यक्तिगत बीमा किश्तों के भुगतान में ग्राहकों को झटका लग सकता है। 18फीसदी की दर तो समाप्त हो गई है परन्तु इसमें कुछ समस्या है। कुछ बीमा कंपनियां प्रीमियमों में कटौती करने के बदले में बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण पर अलग तरीके से लाभ दिए जाने की कोशिश करेंगी। सरकार प्रीमियम लेने के लिए कंपनियों को प्रेरित जरूर कर रही हैं।इसमे चारों सरकारी बीमा कंपनियों को कटौती का पूरा पूरा फायदा देने को कहा गया है। जानकारी के अनुसार प्रीमियम इकनॉमी , बिजनेस एवं प्रथम श्रेणी के हवाई टिकटों पर जीएसटी 22 सितंबर 2025 से 12% से बढ़ाकर 18% किया जा रहा है। 22 सितंबर 2025 के पूर्व भुगतान किए गए टिकटों पर पुरानी दरों पर जारी रहेंगे। जीएसटी सुधार से कार डीलरों को बिना बिके हुए वाहनों पर भारी हानि होने का भय है। जानकारी अनुसार जिस कार पर पूर्व में 50%(28%जीएसटी+22%उपकर)लगता रहा है अब उसमें 40% लगेगा। इसमे डीलर पहले से ही पुराने स्टॉक पर उपकर दे रहें हैं, इसलिए वे रिफंड देने का दावा भी नहीं कर सकते । अब उन्हें कुछ मॉडलों पर 12% अतिरिक्त जीएसटी भी देना पड़ेगा।

अनंतपद्मनाभ

D Anant Padamnabh, village- kanhari, Bpo-Gorakhpur, Teh-Pendra Road,Gaurella, Distt- gpm , Chhattisgarh, 495117,
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