
सुबह का विवाद एक धार्मिक जुलूस के दौरान शुरू हुआ। गांव में रहने वाले राशन डीलर खलील के परिवार ने जुलूस के लिए बिरयानी बनाई थी। इसी दौरान दूसरे गुट जिसका नेतृत्व आरिफ कर रहा था। उसके लोग भी बिरयानी खाने पहुंच गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई।
देखते ही देखते यह बहस पथराव में बदल गई। मौके पर पहुंची पुलिस और लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया और जुलूस को आगे बढ़ने दिया। इसके बाद शाम को दोनों गुट एक बार फिर आमने-सामने आ गए। इस बार स्थिति और भी गंभीर थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर पथराव और फायरिंग की। यह उपद्रव लगभग एक घंटे तक चलता रहा।
विज्ञापनःइस दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग घरों में दुबक गए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी योगेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बल प्रयोग कर, लाठियां भांजकर उपद्रवी तत्वों को खदेड़ा और दोनों पक्षों को उनके घरों के अंदर जाने के लिए मजबूर किया। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए।
हालांकि अभी तक घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार एक दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में अरवाज, भूरा, सिब्ते, संजीदा , नदीम को पुलिस ने अभी तक अस्पताल भेजा है। पुलिस ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। दरअसल, दोनों गुटों के बीच यह रंजिश काफी पुरानी है। गांव के लोगों की शिकायत के बाद राशन डीलर खलील की दुकान रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद से खलील का परिवार दूसरे गुट आरिफ से रंजिश रखता था। यह पुरानी दुश्मनी पंचायत चुनाव के दौरान और गहरी हो गई थी।.