
अजीत मिश्रा (खोजी)
🥀शिक्षा विभाग की सरपरस्ती में ‘सन राइज स्कूल’ का खेल, कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती!🥀
- बच्चों के भविष्य पर ‘जादूगरी’ का साया: सन राइज स्कूल की कारस्तानियों को छिपाने में जुटे शिक्षा अधिकारी!
- सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर लखनऊ से आए जादूगर का तमाशा, क्या इसी से सुधरेगी बस्ती की शिक्षा?
- रेलवे स्टेशन रोड स्थित सन राइज स्कूल का ‘मायाजाल’, जांच के नाम पर लीपापोती की तैयारी तेज!
- हादसे का इंतजार कर रहा शिक्षा विभाग? सन राइज स्कूल पर कार्रवाई न होने से मुख्यमंत्री दरबार जाने की तैयारी में अभिभावक!
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश दिनांक: 08 अप्रैल 2026
बस्ती। जनपद के रेलवे स्टेशन रोड स्थित सन राइज स्कूल में बच्चों की जान जोखिम में डालकर आयोजित किए गए वार्षिकोत्सव को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन मजाल है कि शिक्षा विभाग के कानों पर जूं तक रेंगी हो। हालात देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि स्कूल प्रबंधन न केवल पुलिस और मीडिया, बल्कि पूरे शिक्षा महकमे को गुमराह करने में सफल रहा है। जांच और कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार अधिकारी जिस तरह चुप्पी साधे बैठे हैं, उससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।
🔔वार्षिकोत्सव या मौत का खेल?
बीते दिनों सन राइज स्कूल में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि यह कार्यक्रम ‘वार्षिकोत्सव’ कम और ‘मौत का साया’ ज्यादा था। कार्यक्रम में मानक विहीन इंतजामों के बीच बच्चों और अभिभावकों की जिंदगी को दांव पर लगा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अब इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डालने और महज एक नोटिस जारी कर इतिश्री करने की फिराक में हैं।
- गुमराह करने में सफल ‘सन राइज’, सवालों के घेरे में बस्ती पुलिस और शिक्षा विभाग!
- सन राइज स्कूल का सच: प्रतिभा की कमी छिपाई जादूगरी से, सुरक्षा को रखा ताक पर!
🔔प्रतिभा के नाम पर ‘जादूगरी’ का सहारा
सूत्रों का दावा है कि स्कूल में योग्य छात्र-छात्राओं के अभाव और अपनी कमियों को छिपाने के लिए प्रबंधन ने लखनऊ से जादूगर अनुराग मिश्रा को बुलाया था। कार्यक्रम में बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से ज्यादा जादूगरी का शोर रहा। भीड़ जुटाने और अपनी साख बचाने के लिए अभिभावकों की आंखों में धूल झोंकी गई। सवाल यह उठता है कि क्या शिक्षा के मंदिर में अब प्रतिभा की जगह जादूगरी से बच्चों का भविष्य संवारा जाएगा?
🔔अधिकारियों की मेहरबानी, प्रधानाचार्य के बढ़े हौसले
कार्रवाई न होने से स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. फैजल अख्तर के हौसले बुलंद हैं। अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिर शिक्षा विभाग इन ‘खतरनाक कारनामों’ पर मौन क्यों है? क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री दरबार तक लेकर जाएंगे।
“जब बच्चों की सुरक्षा का प्रश्न हो, तो शिक्षा विभाग की यह सुस्ती मिलीभगत की ओर इशारा करती है। नोटिस का खेल बंद कर धरातल पर कार्रवाई होनी चाहिए।” — आक्रोशित अभिभावक
अब देखना यह होगा कि बस्ती का जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस ‘जादूगरी’ से बाहर निकलकर स्कूल के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाता है या भ्रष्टाचार की चादर ओढ़कर मामले को दबा दिया जाता है।

















