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बस्ती में शिक्षा का ‘फर्जीवाड़ा’: नर्सरी की मान्यता पर चला रहे थे कक्षा 5 तक स्कूल, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़!

बचपन प्ले स्कूल की काली करतूतें उजागर; मान्यता नर्सरी की और पढ़ाई कक्षा 5 तक, प्रशासन ने कसा शिकंजा

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: बच्चों के भविष्य से ‘खिलवाड़’ का बड़ा खुलासा, अवैध रूप से चल रहा था स्कूल!

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश

  • रंजीत चौराहे पर ‘शिक्षा माफिया’ का खेल खत्म! खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट से मचा हड़कंप, 48 घंटे में नामांकन शिफ्ट करने का अल्टीमेटम।
  • बचपन प्ले स्कूल का काला चिट्ठा उजागर: दूसरे स्कूलों की फर्जी TC बांटने वाला गिरोह सक्रिय, प्रशासन ने दी FIR की चेतावनी!
  • सावधान अभिभावक! बस्ती का ‘बचपन स्कूल’ निकला अवैध, मान्यता के नाम पर सालों से परोसा जा रहा था झूठ।
  • मान्यता ‘प्ले स्कूल’ की और पढ़ाई ‘प्राइमरी’ की! बस्ती के रंजीत चौराहे पर चल रही थी अवैध शिक्षा की फैक्ट्री।

बस्ती। शहर के बीचों-बीच शिक्षा के नाम पर ‘अवैध धंधा’ चलाने वाले शिक्षा माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। रंजीत चौराहे के पास संचालित ‘बचपन प्ले स्कूल’ में गंभीर अनियमितताओं का एक ऐसा काला चिट्ठा सामने आया है, जिसने अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) विनोद कुमार त्रिपाठी की जांच रिपोर्ट ने इस फर्जीवाड़े की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।

मान्यता की आड़ में फर्जीवाड़े का खेल

हैरानी की बात यह है कि इस संस्था के पास केवल नर्सरी से यूकेजी तक की अनुमति थी, लेकिन ‘लालच’ में अंधे मैनेजमेंट ने बिना किसी मान्यता के कक्षा 1 से 5 तक की दुकानें सजा रखी थीं। सालों से नियमों को ठेंगा दिखाकर यह विद्यालय बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था।

टीसी (TC) का ‘घोटाला’ भी आया सामने

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि विद्यालय न केवल अवैध कक्षाएं चला रहा था, बल्कि छात्रों को दूसरे विद्यालयों के नाम से फर्जी टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) जारी कर रहा था। यह सीधे तौर पर जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला है। प्रशासन का कहना है कि स्कूल को पहले भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन ‘शिक्षा के इन सौदागरों’ ने उन चेतावनियों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया।

प्रशासन का अल्टीमेटम: 2 दिन में होगा हिसाब!

अब शिक्षा विभाग ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल प्रबंधन की कमर तोड़ दी है:

  • कक्षा 1 से 3 तक के सभी बच्चों का नामांकन तुरंत किसी मान्यता प्राप्त या नजदीकी परिषदीय विद्यालय में कराने का आदेश दिया गया है।
  • मैनेजमेंट को 2 दिन के भीतर विभाग को अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।
  • खंड शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आदेश का पालन नहीं हुआ, तो सीधे FIR (प्राथमिकी) दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

“यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि मासूम बच्चों और उनके अभिभावकों के भरोसे के साथ गद्दारी है। किसी भी सूरत में अवैध विद्यालय बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”— शिक्षा विभाग के सूत्र

इस मामले की पूरी रिपोर्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), बस्ती को भेज दी गई है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इन रसूखदारों पर केवल नोटिस तक सीमित रहता है या इन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजकर एक मिसाल कायम करता है।

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