

आगरा। नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। थाना कस्बा एत्मादपुर क्षेत्र के बरहन तिराहे के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार महिला को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने हाईवे पर जमकर हंगामा करते हुए एक साइड का रास्ता जाम कर दिया, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पचोखरा थाना क्षेत्र के ग्राम मरसेना निवासी 22 वर्षीया रूपा पत्नी धर्मेंद्र अपने परिजन के साथ बाइक पर सवार होकर आगरा में एक रिश्तेदारी में जा रही थी। जैसे ही बाइक नेशनल हाईवे पर बरहन तिराहा के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला सड़क पर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि साथ चल रहा व्यक्ति भी घायल हो गया।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मृतका के परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और आक्रोशित होकर हाईवे के एक साइड को जाम कर दिया। परिजनों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना था कि पुलिस आधा घंटे बाद मौके पर पहुंची। उस समय तक शव सड़क पर ही पड़ा रहा।
जाम की सूचना मिलते ही थाना एत्मादपुर पुलिस सहित भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और जाम खुलवाया।
इसके बाद पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एत्मादपुर के एसीपी देवेश शर्मा ने बताया कि टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी वाहन चालक की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर बेलगाम रफ्तार और लचर यातायात व्यवस्था की सच्चाई को बेनकाब कर गया है, जहां हर दिन कोई न कोई परिवार अपनों को खोने की कगार पर खड़ा है। नेशनल हाईवे का बरहन तिराहा अब आम चौराहा नहीं, बल्कि ‘खूनी तिराहा’ बन चुका है, जहां हर पल दुर्घटना का खतरा मंडराता रहता है।
यहां ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है। वाहन चालक, खासकर दोपहिया सवार, हर दिशा से सड़क पार करने की कोशिश करते हैं, जिससे न केवल हादसे होते हैं बल्कि लगातार जाम की स्थिति भी बनी रहती है। एत्मादपुर क्षेत्र में टूंडला रोड की ओर पड़ने वाले अन्य कट भी इसी अव्यवस्था का शिकार हैं, जहां हर दिन खतरा सिर पर मंडराता है।
हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद ट्रैफिक नियंत्रण के नाम पर केवल एक-दो होमगार्ड तैनात दिखाई देते हैं, जो न तो तेज रफ्तार वाहनों को रोक पाते हैं और न ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई प्रभावी कार्रवाई कर पाते हैं।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान एत्मादपुर में बुढ़िया का ताल से रेलवे ओवरब्रिज तक एलीवेटेड रोड के निर्माण से ही संभव है। लेकिन अफसोस, जनप्रतिनिधियों की नजर अब तक इस गंभीर मुद्दे पर नहीं गई है।
दरअसल, एत्मादपुर कस्बे में नेशनल हाईवे का हिस्सा केवल फोरलेन है, जबकि दोनों ओर से सिक्सलेन ट्रैफिक यहां आकर सिमट जाता है। इसके साथ ही आसपास के लिंक रोड से आने वाले वाहनों का दबाव अलग से बढ़ता है, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह चरमरा जाता है और हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।þ






