
“शारीरिक अंगों का उपयोग धर्म एवं अध्यात्म में करो”
पुराण कथा के तीसरे दिन मुकेश बाबा ने कहा
बांगरदा( खरगोन) ग्राम बांगरदा में आयोजित परचरी पुराण कथा में कथावाचक मुकेश बाबा ने संत सिंगाजी महाराज के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके बाल्य काल से यौवन अवस्था तक जो चमत्कार हुए उन्हें विस्तार से समझाया।
आपने कहा कि संत सिंगाजी द्वारा भामगढ़ में राव लखमें सिंह की रियासत में पूर्ण ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ नौकरी की। इस दौरान गुरु आज्ञा से नौकरी का त्याग कर दिया।
मुकेश बाबा ने कहा कि मानव जीवन में आत्म कल्याण हेतु अपने शारीरिक अंगों का आध्यात्मिक एवं धार्मिक कार्यों में उपयोग करना चाहिए। जिससे आत्मा की शुद्धि होती है। एवं अंत समय में धर्म कर्म ही आत्मा को परमेश्वर के चरणों तक पहुंचते हैं।
इस दौरान मुकेश बाबा एवं उनके संगीत टीम के राजेंद्र दसौंधी, हेमेंद्र यादव, प्रदीप पटेल एवं गजानंद पटेल द्वारा संगीतमय निमाड़ी भजन “समझी लेवो रे मना,अंत न होय कोई अपना,,,
की सुंदर मनमोहक प्रस्तुति दी।
इसके साथ ही निमाड़ी लोक कथा पर आधारित सिंगाजी भजनों पर सैकड़ों महिला पुरुषों से भरा पंडाल झूम उठा।
कथा के तीसरे दिन गुर्जर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी ताराचंद छलोत्रा, हुकुमचंद चौधरी(उप निरीक्षक),पूर्व सरपंच रमेश करोड़ा ने व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया।
अंत में महा आरती में समाजसेवी राधेश्याम पटेल, राधेश्याम करोड़ा, सुरेश,भूपेंद्र,जितेंद्र,धर्मेंद्र करोड़ा ने भाग लिया। एवं प्रसादी का वितरण किया गया।
:- रामेश्वर फूलकर पत्रकार बांगरदा














