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शेरघाटी अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला का क़ृषि मंत्री ने किया उद्घाटन l

प्रेस-विज्ञप्ति

(09.04.2026/कृषि विभाग/गया)

*शेरघाटी अनुमण्डल स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला का माननीय कृषि मंत्री ने किया उद्घाटन*
1. *75 लाख रुपये की लागत से तैयार हुई प्रयोगशाला*
2. *शेरघाटी अनुमण्डल के किसानों की मिट्टी जांच कराने में होगी सुविधा*
3. *मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा के आधार पर उर्वरकों का व्यवहार करें किसान*

माननीय श्री राम कृपाल यादव, मंत्री, कृषि विभाग, बिहार ने आज दिनांक 09.04.2026 को ऑन लाईन माध्यम से शेरघाटी प्रखण्ड परिसर में 75 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई अनुमण्डल स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, निदेशक कृषि श्री सौरभ सुमन यादव उपस्थित थे। गया से जिला कृषि पदाधिकारी श्री संजीव कुमार, सहायक निदेशक, रसायन श्री राजीव रंजन यादव, सहायक निदेशक, प्रक्षे़त्र श्री विकास कुमार, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, मिट्टी जांच श्रीमती रेखा एवं सुश्री हर्षिता राय और कृषि समन्वयक श्रीमती रंजू कुमारी, श्री प्रेम कुमार प्रयोगशाला में उपस्थित थे।
गया जिला में पहले से बाजार समिति स्थित संयुक्त कृषि भवन में पूरी तरह से कार्यरत जिला स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला कार्यरत है। इसके अतिरिक्त ई-किसान भवन बोधगया में वित्तीय वर्ष 2024-25 से अनुमण्डल स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला स्थापित एवं कार्यरत है। जिला में 04 ग्राम स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला की स्थापना पूर्व से की गई है जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 06 और ग्राम स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला स्थापित करने की स्वीकृति जिला पदाधिकारी गया द्वारा प्रदान की गई है।
जिला के किसानों की मिट्टी की जांच निःशुल्क करके उन्हे मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाने का काम निरन्तर किया जा रहा है। समय-समय पर कृषि विभाग द्वारा सूक्ष्म पोषक तत्व जिंक तथा बोरॉन को भी अनुदानित दर पर किसानों के बीच वितरित किया जाता है। सुदूर क्षेत्र से किसानों की मिट्टी की जांच के लिये विभाग द्वारा चलन्त मिट्टी जांच प्रयोगशाला को भी संचालित किया जा रहा है।
सहायक निदेशक रसायन मिट्टी जांच प्रयोगशाला ने बताया कि सभी किसानों को 02 वर्षों के अंतराल पर अपने खेत की मिट्टी की जांच नियमित रुप से कराना चाहिये। मिट्टी की जांच कराने पर 12 पैमानों पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है जिसमें उनके खेत की मिट्टी के जैविक कार्बन, पी॰एच॰, ई॰सी॰ के साथ ही उपलब्ध नाईट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, जिंक, बोरॉन, आयरन, मैंगनीज तथा कॉपर की जानकारी दी रहती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में उर्वरकों के संतुलित उपयोग की दर की जानकारी लगाये जाने वाली फसल के आधार पर अंकित की जाती है जिससे किसानों की लागत घटती है, और मिट्टी का स्वास्थ्य ठीक रहता है। उन्होने किसानों से अपील किया कि वे नियमित रुप से अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराये और रसायनिक उर्वरकों का संतुलित व्यवहार मृदा स्वास्थ्य कार्ड में की गई अनुशंसा के आधार पर करने के साथ ही जैविक उर्वरकों यथा एजोटोबैक्टर, पी॰एस॰बी॰, वर्मीकम्पोस्ट, हरी खाद आदि का उपयोग करके गुणवत्तायुक्त उपज प्राप्त कर सकते हैं।

(राजीव रंजन यादव)
सहायक निदेशक, रसायन,
मिट्टी जांच प्रयोगशाला गया।

त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार

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