
सिद्धार्थनगर। किसानों की बढ़ती शिकायतों और उर्वरक की उपलब्धता पर उठ रहे सवालों को देखते हुए कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले की सभी उर्वरक दुकानों पर लगी पीओएस मशीनें जियो फेंसिंग सिस्टम से जोड़ी गई हैं। मशीन दुकान की सीमा से 50–100 मीटर भी बाहर जाएगी तो उसका नेटवर्क तुरंत बंद हो जाएगा और बिक्री की प्रक्रिया स्वतः रुक जाएगी।
कृषि विभाग का कहना है कि कई दुकानदार दुकान से दूर जाकर पोर्टेबल पीओएस मशीन चलाते थे, जिससे कालाबाजारी और अवैध बिक्री को बढ़ावा मिलता था। जियो फेंसिंग लागू होने के बाद अब किसी अन्य स्थान से उर्वरक बेचना संभव नहीं रहेगा। इससे वितरण प्रणाली पारदर्शी बनेगी और किसानों को सही मूल्य पर खाद समय से मिल सकेगी।
जिले की सभी निजी एवं सहकारी समितियों के पीओएस मशीनों में जियो फेंसिंग सक्रिय कर दी गई है। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि निर्धारित लोकेशन से बाहर बिक्री की कोशिश पर मशीन लॉक हो जाएगी और सर्वर नेटवर्क तुरंत कट जाएगा। ऐसे में ग्राहक को उर्वरक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी ही नहीं हो पाएगी।
विभाग ने बताया कि अब किसी दुकान का स्टॉक, बिक्री और लोकेशन का मिलान आसानी से किया जा सकेगा। पहले पोर्टेबल मशीनों के चलते इसका दुरुपयोग आम था, लेकिन अब यह loophole समाप्त कर दिया गया है।
57 दुकानों में रात के समय खरीद दिखाने पर उठी थी आपत्ति
तीन दिन पहले जिले में कृषि समीक्षा के दौरान
नीति आयोग की केंद्रीय प्रभारी अधिकारी एवं भारत सरकार की अपर सचिव (उर्वरक विभाग)
अनीता सी. मेश्राम ने पाया था कि 57 दुकानों पर ई-पास मशीन से रात में खरीद दिखाई गई थी, जबकि रात में किसी प्रकार की बिक्री संभव ही नहीं है।
निरीक्षण में सामने आया कि उर्वरक लेते समय किसान का अंगूठा वेरीफिकेशन आवश्यक है, फिर भी मशीनों में रात में लेन-देन दर्ज किया गया था। इस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई थी और कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
शिकायत के लिए कंट्रोल रूम
किसान यदि खरीदारी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करते हैं या कोई दुकानदार मनमानी करता है, तो वे सीधे कंट्रोल रूम पर शिकायत कर सकते हैं—
📞 05544-297271
📞 9935260276
कृषि विभाग का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और डिजिटल निगरानी से कालाबाजारी अब संभव नहीं हो पाएगी।
— मुहम्मद मुज्ज
मिल, जिला कृषि अधिकारी







