
मुरादाबाद। नगर निगम मुरादाबाद के जन्म-मृत्यु विभाग की लचर व्यवस्था एक बार फिर जनता के गुस्से का कारण बन गई है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट बीते आठ दिनों से पूरी तरह बंद है, जिससे सैकड़ों लोग जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। ऑनलाइन सेवाएं बाधित होने के कारण आवेदन नहीं हो पा रहे हैं और नगर निगम कार्यालय में कोई भी अधिकारी स्थिति पर स्पष्ट जानकारी देने को तैयार नहीं है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण अस्पतालों में इलाज, स्कूलों में दाखिला, बीमा दावे और सरकारी योजनाओं से जुड़ी तमाम जरूरी प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं नगर निगम के अधिकारी न तो फोन उठाते हैं, न ही जनता की शिकायतों पर ध्यान दे रहे हैं।नगर निगम द्वारा कुछ महीने पहले शहर को विभिन्न जोनों में बांटने की घोषणा की गई थी। दावा किया गया था कि इससे प्रशासनिक कामकाज में गति आएगी और नागरिकों को सुविधा मिलेगी। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि किसी भी जोन में कंप्यूटर या जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की अलग से व्यवस्था नहीं की गई है। सभी कार्य अब भी पुराने केंद्रीकृत ढर्रे पर ही निर्भर हैं।जनता का आरोप है कि जोन व्यवस्था के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई गईं। न तो पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति की गई और न ही तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया। वेबसाइट महीने में मुश्किल से 10-15 दिन ही सुचारू रूप से काम करती है, बाकी समय तकनीकी खराबियों और लापरवाही की भेंट चढ़ जाती है।यह पहली बार नहीं है जब मुरादाबाद नगर निगम का जन्म-मृत्यु विभाग सवालों के घेरे में आया हो। पहले भी प्रमाणपत्रों में देरी, नाम की गलतियां और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। नागरिकों ने मांग की है कि विभाग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और वेबसाइट की तकनीकी खामियों को स्थायी रूप से ठीक किया जाए।
अब यह मामला केवल तकनीकी असुविधा नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और आम जनता के मौलिक अधिकारों से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बन गया है।




