

राजकीय श्रावणी मेला 2025 के दौरान पांचवे दिन एक भावुक क्षण देखने को मिला जब सूचना सहायता शिविर की तत्परता से भीड़ में बिछड़ा एक मासूम बच्चा अपनी मां से सकुशल मिल गया।
बिहार का रहने वाला लगभग 8 वर्ष का राहुल अपनी मां से मेल क्षेत्र में बिछड़ गया था।जिसके बाद उसकी माँ काफी परेशान थी।इसकी सूचना उन्होंने सूचना सहायता शिविर में दी।सूचना सहायता कर्मियों की मदद से बहुत ही कम समय मे बच्चे को ढूंढ कर माँ को सौंप दिया गया।तस्वीर में देखा जा सकता है कि मां अपने बच्चे को गले लगाकर रो रही है और बच्चा भी मां की गोद में पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहा है। यह दृश्य न केवल मां-बेटे के प्रेम को दर्शाता है, बल्कि प्रशासन द्वारा मेला में की गई मानवीय व्यवस्था की भी सराहना करता है।
बताया गया कि भीड़-भाड़ के दौरान बच्चा अपनी मां से अलग हो गया था। सूचना सहायता कर्मियों की सतर्कता एवं मेला क्षेत्र में लगे माइक व प्रचार प्रणाली की मदद से जल्द ही बच्चे की पहचान कर उसकी मां को सूचित किया गया।
उपायुक्त के निर्देशानुसार लगाए गए 100 से अधिक सूचना सहायता कर्मी दिन-रात श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हुए हैं।श्रावणी मेला के इस दृश्य ने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक सजगता और संवेदनशीलता से हर संकट को मात दी जा सकती है।







