
पीलीभीत। जनपद के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक श्री बालाजी मंदिर इन दिनों भक्ति और सेवा का अनूठा केंद्र बना हुआ है। मंदिर समिति द्वारा प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाले विशाल भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन ने अब इस सेवा कार्य को और अधिक व्यापक बनाने के लिए शहरवासियों और भक्तों से सहयोग का आह्वान किया है।
मंगलवार का विशेष आयोजन
बाबा के दरबार में मंगलवार का दिन विशेष उत्साह लेकर आता है। सुबह विधि-विधान से पूजा-अर्चना और सुंदरकांड के पाठ के बाद दोपहर से ही विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि “भंडारे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर आने वाला कोई भी भक्त भूखा न रहे।”
पुनीत कार्य में दें अपना साथ (डोनेशन अपील)
भंडारे की इस निरंतर सेवा और मंदिर के रखरखाव के लिए भक्त अपनी इच्छाशक्ति के अनुसार दान दे सकते हैं। यदि आप अपने परिवार के किसी विशेष अवसर (जन्मदिन, वर्षगांठ या पुण्यतिथि) पर भंडारे का आयोजन कराना चाहते हैं या सहयोग देना चाहते हैं, तो समिति ने संपर्क के द्वार खोल दिए हैं।
सहयोग के तरीके:
खाद्यान्न दान: भक्त भंडारे के लिए आटा, दाल, चावल, तेल या सब्जियां दान कर सकते हैं।
नकद योगदान: मंदिर कार्यालय में जाकर दान राशि जमा कर आधिकारिक रसीद प्राप्त की जा सकती है।
डिजिटल पेमेंट: पारदर्शिता के लिए मंदिर के आधिकारिक क्यूआर कोड (QR Code) पर भी दान स्वीकार किया जाता है।
संपर्क करें
भंडारे में सेवा देने या डोनेशन हेतु श्रद्धालु सीधे मंदिर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। समिति ने अपील की है कि भक्त सीधे अधिकृत व्यक्तियों से ही मिलकर अपनी श्रद्धा अर्पित करें ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
“नर सेवा ही नारायण सेवा है। मंगलवार के इस पावन भंडारे में सहभागी बनकर पुण्य के भागी बनें।” — मंदिर प्रबंधन समिति।











