
📰 प्रेस विज्ञप्ति / समाचार
📍 बोधगया
*मगध विश्वविद्यालय में छात्र समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से की मुलाकात, समाधान की मांग.*
बोधगया। मगध विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक एवं परीक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को हो रही विभिन्न परेशानियों को विस्तार से रखते हुए उनके शीघ्र एवं प्रभावी समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि परीक्षा, पंजीयन, अंक प्रमाण पत्र, पीएच.डी. नामांकन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में हो रही देरी और अनियमितता के कारण छात्रों की शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो रही है। इस वजह से छात्रों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है।
मुख्य मांगें.
• जिन विभागों में PAT (PhD Admission Test) इंटरव्यू हो चुका है, उनका परिणाम जल्द प्रकाशित किया जाए।
• शेष विभागों में PAT इंटरव्यू की तिथि निर्धारित कर शीघ्र आयोजन किया जाए।
• अंक प्रमाण पत्र में पाई जा रही त्रुटियों का सुधार कर संशोधित प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाए।
• टिकारी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित की जाए।
• सीनेट एवं सिंडिकेट के निर्णय के अनुरूप सभी महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई शुरू की जाए।
• खेल-कूद निदेशक की नियुक्ति शीघ्र की जाए।
• स्नातक नामांकन प्रक्रिया को छात्र हित में चॉइस बेसिस पर लागू किया जाए, ताकि छात्र अपने नजदीकी जिले के कॉलेज में नामांकन ले सकें।
• स्नातक सत्र 2022-25, स्नातकोत्तर सत्र 2022-24 एवं 2023-25 के प्रोविजनल की मूल प्रति जल्द उपलब्ध कराई जाए।
• विश्वविद्यालय में ऑडिटोरियम एवं खेल मैदान का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
राज्य यूनिवर्सिटी सह संयोजक मैक्स अवस्थी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए त्वरित कदम उठाने चाहिए, ताकि शैक्षणिक वातावरण सुचारू रूप से संचालित हो सके। लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान होना आवश्यक है, जिससे छात्रों को राहत मिल सके।
एसएफडी प्रांत संयोजक सूरज सिंह ने अपने विस्तृत बयान में कहा कि मगध विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगातार हो रही देरी छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा, पंजीयन, अंक प्रमाण पत्र एवं पीएच.डी. नामांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में समयबद्धता बेहद आवश्यक है। सूरज सिंह ने यह भी कहा कि यदि समय पर समाधान सुनिश्चित होता है, तो इससे न केवल छात्रों को राहत मिलेगी, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था भी मजबूत होगी। छात्र सदैव संवाद और सहयोग के माध्यम से सकारात्मक बदलाव के पक्षधर रहे हैं।
कुलपति ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और यथाशीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अंत में प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति से आग्रह किया कि सभी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, जिससे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
इस मौके पर एसएफडी प्रांत संयोजक सूरज सिंह,राज्य विश्विद्यालय सह संयोजक मैक्स अवस्थी,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा,शशि कुमार मौजूद रहे.
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर गयाजी बिहार
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