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ऊर्जानगर में प्रदूषण पर जल्द ठोस और समयबद्ध उपाय: पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे

कोयला बंकर और रोपवे से फैले प्रदूषण का किया निरीक्षण, नागरिकों को राहत देने का संकल्प

समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
चंद्रपुर के ऊर्जानगर रिहायशी क्षेत्र में वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और चंद्रपुर महा थर्मल पावर स्टेशन के कोयला बंकर व रोपवे से हो रहे गंभीर प्रदूषण का संज्ञान लेते हुए पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने आज प्रत्यक्ष निरीक्षण दौरा कर स्थिति का विस्तृत जायजा लिया।

ऊर्जानगर परिसर में खुले में कोयले की ढुलाई के कारण भारी मात्रा में धूल के कण हवा में मिल रहे हैं, जिससे नागरिकों को सांस और त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इलाके के लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है और समस्या चिंताजनक रूप ले चुकी है।

इस पृष्ठभूमि में विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने विधानसभा में आधे घंटे की चर्चा के जरिए यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था और तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। चर्चा के जवाब में पर्यावरण मंत्री ने प्रत्यक्ष निरीक्षण का आश्वासन दिया था, जिसकी पूर्ति के लिए आज का दौरा हुआ।

इस मौके पर विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा, “ऊर्जानगर के नागरिक आज बेहद गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं। कोयला बंकर और रोपवे से खुले में हो रही कोयले की ढुलाई यहां प्रदूषण का मुख्य कारण है। इस धूल से नागरिकों के स्वास्थ्य पर बड़ा असर पड़ रहा है और सांस व त्वचा रोग तेजी से बढ़े हैं। यह केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने यह विषय विधानसभा में आधे घंटे की चर्चा से उठाया और सरकार का ध्यान खींचा। पर्यावरण मंत्री पंकजाताई ने तब तुरंत निरीक्षण का वादा किया था। आज वे खुद यहां आकर स्थिति देख रही हैं, यह बहुत संतोष की बात है। पंकजाताई के नाम का ‘प’ प्रदूषणमुक्ति और प्रगति का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में इस क्षेत्र को प्रदूषणमुक्त करने के लिए ठोस, प्रभावी और दीर्घकालिक उपाय किए जाएंगे, ऐसा विश्वास है।”

निरीक्षण के दौरान पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने अधिकारियों से चर्चा कर कई उपायों के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “परली के थर्मल पावर स्टेशन से होने वाला प्रदूषण मैंने बचपन से देखा है। इसलिए इस समस्या की गंभीरता और असर को मैं पूरी तरह समझती हूं। ऊर्जानगर की स्थिति गंभीर है और इसे बदलने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने जोड़ा, “प्रदूषण पर नियंत्रण एक दिन का काम नहीं है, लेकिन नागरिकों को राहत देने के लिए हम भरपूर प्रयास करेंगे। इसके लिए समयबद्ध कार्यक्रम, ठोस व दीर्घकालिक उपाय और विस्तृत खाका जल्द तैयार किया जाएगा। विधायक सुधीर मुनगंटीवार के नेतृत्व में सभी संबंधित एजेंसियों के समन्वय से इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।”

इस निरीक्षण दौरे में जिलाधिकारी वसुमना पंत, सीईओ पुलकित सिंह, बल्लारपुर व चंद्रपुर के तहसीलदार, CSTPS के सीईओ, श्रीनिवास जंगमवार, रामपाल सिंह, रोशनी खान, राजेंद्र गांधी, केमा रायपुरे, नामदेव आसुटकर, हनुमान काकड़े, विलास टेंभुर्णे, मोहन आसवानी समेत अन्य गणमान्य मौजूद थे।

इस दौरे से उम्मीद जताई जा रही है कि ऊर्जानगर परिसर के प्रदूषण के मुद्दे पर शासन स्तर पर गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं और आने वाले समय में नागरिकों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी।

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