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*जिला स्तरीय स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों तथा एंटीबायोटिक दुरुपयोग के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान*

*पटना में एनडीपीएस एक्ट के तहत हुई कार्यवाही*

 

कोरिया।सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले में *“सही दवा–शुद्ध आहार–यही छत्तीसगढ़ का आधार”* थीम अंतर्गत 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है।

 

अभियान के बारहवें दिवस, 08 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार सिंह के मार्गदर्शन एवं सहायक औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में औषधि प्रकोष्ठ (Drug Cell) की टीम द्वारा *जिला स्तरीय स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों तथा एंटीबायोटिक दुरुपयोग के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान* अंतर्गत व्यापक जागरूकता एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान पटना पुलिस विभाग के साथ संयुक्त दल गठित कर मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर तेंदुआ चौक के पास दो महिलाओं से अवैध रूप से रखी गई औषधियां बरामद की गईं। उक्त प्रकरण में पुलिस विभाग द्वारा NDPS Act के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है

अभियान अंतर्गत पटना क्षेत्र के दवा एवं खाद्य व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित कर स्वापक एवं मनःप्रभावी औषधियों के दुरुपयोग, बिना चिकित्सकीय सलाह एंटीबायोटिक सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव, औषधियों के सुरक्षित भंडारण, वैध बिल/इनवॉइस संधारण तथा प्रतिबंधित दवाओं के अवैध विक्रय से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

साथ ही व्यापारियों को औषधियों का विक्रय केवल वैध चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन पर करने एवं रिकॉर्ड संधारण अद्यतन रखने हेतु निर्देशित किया गया।

इसके अतिरिक्त एक मेडिकल स्टोर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पटना के स्टोर तथा ओपीडी फार्मेसी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान औषधियों के उचित संधारण, तापमान अनुरक्षण एवं रिकॉर्ड संधारण संबंधी आवश्यक निर्देश दिए गए। जांच के दौरान स्टोर में लोकल परचेज के माध्यम से प्राप्त 02 औषधियों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित किए गए।

 

जन-जागरूकता अभियान के दौरान आमजन को बताया गया कि नशीली एवं मनःप्रभावी औषधियों के दुरुपयोग से लत (Addiction), मानसिक तनाव, अवसाद, भ्रम, चिड़चिड़ापन एवं व्यवहार में परिवर्तन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त हृदय, लीवर, किडनी एवं मस्तिष्क पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं तथा अधिक मात्रा में सेवन से बेहोशी, श्वसन समस्या एवं मृत्यु तक का खतरा बना रहता है।

आमजन को यह भी जागरूक किया गया कि बिना चिकित्सकीय सलाह एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने से Antibiotic Resistance की समस्या बढ़ती है, जिससे भविष्य में दवाएं असर करना बंद कर सकती हैं तथा संक्रमण लंबे समय तक बना रह सकता है।

अभियान के दौरान नागरिकों को निम्न सावधानियों के संबंध में जानकारी दी गई—

1. किसी भी औषधि का सेवन केवल चिकित्सकीय सलाह पर करें।

2. शेड्यूल H/H1/X एवं नारकोटिक दवाओं का उपयोग निर्धारित मात्रा एवं अवधि तक ही करें।

3. एंटीबायोटिक दवाओं का पूरा कोर्स निर्धारित समय तक लें एवं बीच में बंद न करें।

4. बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का क्रय-विक्रय न करें।

5. दवाओं को बच्चों की पहुंच से दूर एवं निर्धारित तापमान में सुरक्षित रखें।

6. एक्सपायरी एवं बिना लेबल वाली दवाओं का उपयोग न करें।

7. नशीली दवाओं के अवैध विक्रय एवं दुरुपयोग की जानकारी प्रशासन को दें।

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