
विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो
जो भगवान राम की अनंत भक्ति के रहस्य को जान लेता है उसके जीवन का उद्धार हो जाता है श्री महंत रघुवीर दास महाराजहरिद्वार
श्रीसुदर्शन आश्रम अखाड़े में अपने श्री मुख से ज्ञान की अनंत वर्षा करते हुए प्रातः स्मरणीयश्री महंत रघुवीर दास महाराज महाराज ने कहा कि भक्ति वह पावन सेतु है जो मनुष्य को भगवान तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करती है, वहीं दया, सत्कर्म और सदाचार मनुष्य के जीवन को सुधार और कल्याण की ओर ले जाकर उसे सार्थकता प्रदान करते हैं। श्री में भक्तजनों के मध्य अपने उद्गार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जो राम के हैं, राम उनके हृदय में स्वयं निवास करते हैं और अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं। जो श्रद्धालु सच्चे मन, निर्मल भाव और अटूट विश्वास के साथ प्रभु श्रीराम की आराधना करता है, उसे भगवान मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
उन्होंने इस अवसर पर रामभक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा
“रामहि केवल प्रेम पियारा।
जानि लेहु जो जाननिहारा॥”
अर्थात प्रभु श्रीराम को केवल निष्कपट प्रेम ही प्रिय है, और जो इस सत्य को जान लेता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है।
साथ ही उन्होंने भक्तों को नामजप और सत्संग का महत्व बताते हुए कहा
“जापु नामु जन आरत भारी।
मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी॥”
महंत श्री रघुवीर दास जी महाराज ने कहा कि रामनाम का स्मरण ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है। रामकृपा से ही मनुष्य के दुख, संकट और बाधाएँ दूर होती हैं तथा उसके जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का प्रकाश फैलता है। प्रवचन के अंत में उपस्थित भक्तजनों ने जय श्रीराम के उद्घोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।







