A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेधनबाद

झारखंड में SIR को लेकर बड़ी बैठक, राजनीतिक दलों को भेजा गया न्योता

राँची: झारखंड में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत 30 जून से राज्यभर में घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इस अभियान को लेकर राज्य का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय तैयारियों में जुट गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में तैयारी शुरू कर दी गई है।

22 मई को राजनीतिक दलों के साथ होगी बैठक
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर 22 मई को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में पूरे अभियान की रूपरेखा समझाई जाएगी। साथ ही बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंट के प्रशिक्षण को लेकर भी चर्चा होगी।निर्वाचन विभाग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारी और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ भी बैठक करेगा। इसमें जिलेवार तैयारियों की समीक्षा की जाएगी ताकि अभियान समय पर और सही तरीके से पूरा हो सके।

23 मई को जारी होगी अनमैप्ड वोटरों की सूची
निर्वाचन विभाग 23 मई को मतदान केंद्रों पर उन मतदाताओं की सूची जारी करेगा जिनका डेटा अभी पूरी तरह मैप नहीं हो पाया है। इस सूची में संबंधित बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर का नाम और मोबाइल नंबर भी दिया जाएगा, ताकि मतदाता सीधे संपर्क कर सकें।इस कदम का मकसद यह है कि जिन लोगों का नाम, पता या अन्य जानकारी अधूरी है, उन्हें समय रहते सुधारा जा सके।

30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा घर-घर सत्यापन
भारत निर्वाचन आयोग के मुताबिक 30 जून से 29 जुलाई तक पूरे राज्य में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान बीएलओ हर घर पहुंचकर मतदाता की जानकारी की जांच करेंगे।इस काम के लिए राज्यभर में 29,571 बीएलओ तैनात किए जाएंगे। इन्हें करीब 2 करोड़ 64 लाख 89 हजार 777 मतदाताओं का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है।चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार झारखंड में 21,644 बीएलए भी हैं। ये राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त किए गए प्रतिनिधि होते हैं और पुनरीक्षण अभियान में इनकी अहम भूमिका रहेगी। आयोग की ओर से इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

अगस्त में ड्राफ्ट सूची, सितंबर तक आपत्ति का मौका
निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार 29 जुलाई को मतदान केंद्रों का पुनरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशन होगा।ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक लोग अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकेंगे। अगर किसी का नाम छूट गया है, गलत जानकारी दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम सूची में बना हुआ है तो उसकी शिकायत की जा सकेगी।इसके बाद 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा।

7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 7 अक्टूबर 2026 को झारखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग का कहना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और विश्वसनीय हो सके।

Back to top button
error: Content is protected !!