

बलौदाबाजार, 17 अप्रैल 2026।
दोपहर की तपती गर्मी में अचानक उठी आग की लपटों ने सिमगा विकासखंड के ग्राम दामाखेड़ा में एक परिवार की खुशियों को पलभर में राख कर दिया। गुरुवार करीब 12 बजे हीरालाल वर्मा के मकान में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घर, सामान, कपड़े, बर्तन—सब कुछ जलकर खाक हो गया।
लेकिन इस त्रासदी के बीच प्रशासन की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने उम्मीद की एक मजबूत किरण जगाई।
सूचना मिलते ही कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर प्रशासन हरकत में आया। नगर पालिका सिमगा और अपोलो कंपनी की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक मकान पूरी तरह जल चुका था, लेकिन समय रहते आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे आसपास के घर सुरक्षित रहे।
घटना के बाद जो हुआ, उसने प्रशासन की कार्यशैली को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ दिया।
महज 6 घंटे के भीतर ही राजस्व अमला सक्रिय हुआ, नुकसान का आकलन किया गया और आरबीसी 6-4 के तहत सहायता प्रकरण तैयार कर लिया गया। एसडीएम अतुल शेट्टे स्वयं ग्राम दामाखेड़ा पहुंचे और पीड़ित हीरालाल वर्मा को 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा।
इतना ही नहीं, प्रशासन ने पीड़ित परिवार के रहने की तत्काल व्यवस्था भी सुनिश्चित की। उन्हें अस्थायी रूप से अटल समरसता भवन में ठहराया गया है, ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें सिर छुपाने की चिंता न सताए।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि संकट की घड़ी में अगर प्रशासन तत्पर और संवेदनशील हो, तो पीड़ा को काफी हद तक कम किया जा सकता है। दामाखेड़ा की इस घटना में जहां एक ओर आग ने सब कुछ छीन लिया, वहीं प्रशासन की तेज़ कार्रवाई ने भरोसा और सहारा दोनों दिया।









