
धनबाद नगर निगम में बहुत से प्रत्याशी ऐसे हैं,जो आरक्षण का लाभ लेने के लिए SC,STऔर O.B.C बनाने के लिए मोटी रकम देकर सर्टिफिकेट बना रहे हैं,सभी वार्डों के प्रत्याशी सावधान रहे,बहुत जल्द फर्जी प्रत्याशी का खतियान का खुलासा किया जाएगा।
*चुनाव* में फर्जी सर्टिफिकेट (fake certificate) का इस्तेमाल करना भारत में एक गंभीर आपराधिक अपराध है। इसके लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (Representation of the People Act, 1950) के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है।
सजा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
(1) जेल की सजा: दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को एक साल तक की कैद हो सकती है।
(2) जुर्माना: जेल की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
(3) चुनाव रद्द: यदि कोई उम्मीदवार फर्जी जानकारी या दस्तावेज़ के आधार पर चुनाव लड़ता है और जीत जाता है, तो उसका चुनाव रद्द किया जा सकता है।
(4) अयोग्यता: ऐसे व्यक्ति को भविष्य में चुनाव लड़ने या सरकारी पद धारण करने से अयोग्य ठहराया जा सकता है।
(5) अन्य IPC धाराएं: फर्जी दस्तावेज़ बनाने (जालसाजी – IPC धारा 463-471) और धोखाधड़ी (IPC धारा 415) से संबंधित अन्य गंभीर आरोप भी लगाए जा सकते हैं, जिनमें 7 से 10 साल तक की कैद का प्रावधान हो सकता है।
@highlight Ranvijay Singh Hemant Soren Office of Chief Minister, Jharkhand Jharkhand Police Chandra Shekhar Agrawal D C Dhanbad
निवेदक :- Shahbaj Siddique (MBA &LLB छात्र)
(Ex Spoke Person JMM Party,Youth wing)
(Central Secretary at BJKMS Trade Union)



