
दुद्धी/सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
भारत के लौह पुरुष, देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती की पूर्व संध्या पर मां गायत्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दुद्धी में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लेकर पदयात्रा निकाली और “एकता का संदेश” देते हुए देशभक्ति के नारे लगाए। इसके उपरांत विद्यालय परिसर में सरदार पटेल के चित्र पर प्रबंधक सुरेन्द्र अग्रहरि सहित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रबंधक सुरेन्द्र अग्रहरि ने अपने संबोधन में कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, तब कई छोटी-बड़ी रियासतें स्वतंत्र होकर अलग होने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने अदम्य साहस और कूटनीति से सभी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल सच्चे राष्ट्रनायक थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी निभाई और देश की एकता को सर्वोपरि रखा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि गुजरात की नर्मदा नदी पर बना सरदार सरोवर बांध और उसके सामने स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल के योगदान को समर्पित है। यह विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति है, जिसकी ऊंचाई 182 मीटर है और इसे 31 अक्टूबर 2018 को राष्ट्र को समर्पित किया गया।
सरदार पटेल को 1991 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
कार्यक्रम में नवनीत यादव, सिकन्दर, सनाउल्लाह, इंद्रावती, प्रिया, शब्बा सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।








