

++++++ नागपुर शनिवार 04 अक्टूबर 2025 +++++++
प्राप्त जानकारी के अनुसार 01 अक्टूबर 2025 से ट्रेन तत्काल टिकट बुकिंग की तरह ही अब सामान्य टिकट आरक्षण की बुकिंग करते समय भी ई आधार वेरिफिकेशन कराना जरूरी कर दिया गया है। भारतीय रेलवे ने 14 सितंबर 2025 को इस संबंध मे घोषणा की थी।। प्राप्त जानकारी के अनुसार आईआरसीटीसी बेवसाइट या एप्प पर सामान्य आरक्षण बुकिंग शुरू होने के पहले पंद्रह मिनट तक ट्रेन सामान्य टिकट आरक्षण के लिए भी अब आधार वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य हो गया है। रेलवे के अनुसार इस कदम से फर्जी आईडी, रेल टिकट एजेंटों की ट्रेन टिकिटों कालाबाजारी तथा बॉट्स बुकिंग पर रोक लगाई जा सकेगी। यदि किसी का आईआरसीटीसी एकाउंट फहले से ही आधार से लिंक है तो सामान्य आरक्षण टिकट बुकिंग आसानी के साथ की जा सकती है। इससे टिकटों की वेटिंग कम होगी और ट्रेन टिकिट जल्दी कन्फर्म भी होंगे। जानकारी के अनुसार रेलवे के कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटरों पर सामान्य आरक्षण की टिकट बुकिंग का पुराना शेड्यूल वही रहेगा। जानकारी अनुसार रेलवे के अधिकृत ट्रेन टिकिट बुकिंग एजेंटों के लिए पहले दिन टिकट बुकिंग करने पर दस मिनट की रोक भी बिना किसी परिवर्तन के जारी रहेगी।
पहले कई बार यह देखा जाता रहा है कि ट्रेन टिकिट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही समय में टिकट बिक जाते थे। दरअसल ट्रेन टिकिट दलाल तथा फर्जी एजेंट गलत तरीके से ट्रेन टिकिट बुक कर लेते थे, जिससे आम लोगों को ट्रेन टिकिट नहीं मिल पाता था। रेलवे के द्वारा बनाए गए इन नये नियमों का उद्देश्य भी यही है कि ट्रेन टिकिट बुकिंग का अवसर केवल सही यात्रियों को जिनको की वास्तव में यात्रा के लिए टिकिट की जरूरत हो उन्हें मिल सके और फर्जी काम को रोका जा सके। अब आधार वेरिफिकेशन से यह संभव होगा कि ट्रेन टिकिट वही व्यक्ति बुक कर रहा है जिसका की आधार नंबर आईआरसीटीसी बेवसाइट पर रजिस्टर्ड है। इसमे पहले पंद्रह मिनट तक एसी नॉन एसी दोनों ही श्रेणियों के लिए ट्रेन टिकिट एजेंट को टिकिट बुकिंग की अनुमति नहीं रहेगी। जानकारी अनुसार तत्काल टिकट बुकिंग के नये नियमों के जैसे ही सामान्य रिजर्वेशन के नये नियम है। आईआरसीटीसी बेवसाइट या एप्प पर टिकिट बुक करने के लिए आधार नंबर को आईआरसीटीसी एकाउंट से लिंक करना होगा, जिसमें टिकिट बुक करते समय रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा यह ओटीपी भरने के के बाद ही टिकिट बुकिंग कन्फर्म होगा जानकारी अनुसार नये नियमानुसार आधार ऑथेंटिफेकेशन अनिवार्य है। यदि किसी का आधार आरारसीटीसी एकाउंट से लिंक नही है तो बेवसाइट खुलने के शुरूआती पंद्रह मिनट में टिकिट बुक नहीं कर पायेंगे। इसमे बिना आधार नंबर के ट्रेन टिकिट बुक करने के लिए दूसरा कोई और तरीका रेलवे के द्वारा दी गई जानकारी में नही बताया गया है। यदि कोई रेलवे स्टेशन के टिकिट काउंटर से टिकिट बुक करते हैं तो 01 अक्टूबर 2025 से आधार नंबर देना जरूरी है। टिकिट काउंटर पर भी आधार वेरिफिकेशन ओटीपी के माध्यम से होगा। इसके लिए आईआरसीटीसी से मोबाईल नंबर लिंक होना जरुरी है जिससे टिकिट बुक करते समय पर ओटीपी प्राप्त कर सके। यदि किसी दूसरे व्यक्ति के लिए भी टिकिट बुक कर रहे हैं तो भी उस यात्री का आधार नंबर और ओटीपी इसके लिए चाहिए होगा। ट्रेन टिकिट एजेंट भी बेवसाइट खुलने के शुरूआती दस मिनट तक टिकिट बुक नही कर पायेंगे।। ऑनलाइन ट्रेन टिकिट बुक करने के लिए आईआरसीटीसी एकाउंट मे आधार नंबर लिंक करना होगा। इसके लिए आईआरसीटीसी बेवसाइट पर या एप्प पर लॉगिन करके माई प्रोफाइल” सेक्शन मे जाकर आधार की जानकारी जोड़ सकते हैं। ऑनलाइन टिकिट बुक करने मे यदि कोई दिक्कत हो जैसे कि ओटीपी न मिले या फिर आधार लिंक न हो तो इसके लिए आईआरसीटीसी हेल्पलाइन नंबर-139,पर फोन कर सकते हैं। या अपने नजदीकी रेलवे-स्टेशन टिकिट काउंटर से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आधार से संबंधित किसी प्रकार की कोई परेशानी होने पर यहां हेल्पलाइन नंबर-1947 पर संपर्क कर मदद ले सकते हैं।।जानकारी अनुसार रेलवे के यह नये नियम पूरे देशभर में रेलवे के जोन में लागू रहेंगे जहां पर टिकिट की सुविधा है। भारतीय रेलवे ने इन नये नियमों को लागू करने के लिए सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम और आईआरसीटीसी को इसके लिए सभी जरूरी तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं एक साथ पांच लोगों का टिकिट बुक करने के लिए सभी यात्रियों का आधार वेरिफिकेशन जरूरी नही है। आईआरसीटीसी पर अधिक से अधिक बारह यात्रियों का टिकिट एकसाथ बुक कर सकते है।।एक पीएनआर मे बारह लोगों आ सकते है। इसके लिए यात्रियों को आईआरसीटीसी बेवसाइट मास्टर लिस्ट मे जोड़ने के लिए आधार वैकल्पिक है, परंतु तत्काल या पहले पंद्रह मिनट की सामान्य आरक्षण के लिए कम से कम एक यात्री का आधार इसके लिए वैरिफाइड होना जरूरी है। यदि किसी के पास आधार नही है तो दूसरा अन्य आईडी प्रूफ जैसे कि मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट का उपयोग हो सकता है परन्तु वेरिफिकेशन के रेलवे के द्वारा आधार को ही प्राथमिकता दिया जाता है। स्टेशन टिकिट काउंटर बुकिंग पीआरएस मे आधार ओटीपी इसके लिए ऑप्शनल है किन्तु ऑनलाइन टिकिट बुकिंग के लिए यह जरूरी है।



