
धमतरी, 15 अप्रैल 2026। गंगरेल स्थित अंगारमोती माता मंदिर परिसर बुधवार को खुशियों, परंपराओं और मंगल गीतों से गूंज उठा, जब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 59 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य सामूहिक विवाह समारोह में गोंड समाज सहित विभिन्न समाजों के नवदंपत्तियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।
पूरे आयोजन स्थल को सांस्कृतिक रंगों और पारंपरिक सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था। विवाह समारोह को देखने और नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदिवासी विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने नवदंपत्तियों को शुभाशीष देते हुए उनके सुखद, सफल और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में एकता, समरसता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिससे विवाह जैसे पवित्र संस्कार गरिमामय ढंग से संपन्न हो पाते हैं।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में महिलाओं से जुड़ी नई योजनाओं और नीतियों से उन्हें और अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर उन्होंने अर्जुनी स्थित गोंड समाज की भूमि पर सामाजिक भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। साथ ही गंगरेल क्षेत्र एवं अंगारमोती माता मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक पहल करने की बात भी कही।
समारोह की शुरुआत आदिवासी गोंड समाज के जिला अध्यक्ष श्री माधव ठाकुर के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमुदाय का स्वागत किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सार्वा, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरविंद नेताम, जनपद अध्यक्ष श्रीमती अंगीरा ध्रुव, महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का, जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान नवदंपत्तियों को गृहस्थी सामग्री, शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किए गए। यह आयोजन न केवल सामाजिक सहयोग और सामूहिकता का प्रतीक बना, बल्कि जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का सशक्त उदाहरण भी साबित हुआ।








