
धार ।ग्राम पंचायत इंद्रावल अंतर्गत भावलापाड़ा में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन 23 अप्रैल को प्रातःकाल नित्य पूजन, महाभिषेक, प्राण प्रतिष्ठा एवं पूर्णाहुति सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान पंडित संतोष शर्मा के आचार्यत्व में संपन्न हुए। दिनभर श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में आवागमन बना रहा।महोत्सव के तहत 22 अप्रैल की शाम भगवान का नगर भ्रमण कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं एवं युवा शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भजनों की धुन पर अपनी आस्था व्यक्त करते नजर आए।अंतिम दिन शाम तक विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें देर शाम तक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।उल्लेखनीय है कि आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में पहली बार इतने भव्य स्वरूप में राम मंदिर का निर्माण हुआ है, जिसमें आदिवासी समाज का शत-प्रतिशत योगदान रहा। मंदिर निर्माण से पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि इस निर्माण से सनातन धर्म एवं संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी। आदिवासी समाज भगवान राम एवं माता शबरी को अपना आराध्य मानता है।
इस अवसर पर इंद्रावल, पांदा, चिराखान, बामनिया पाड़ा, मानपुरा, किशनपुरा, बोरझड़ी, पिपली पाड़ा, गूवालरूड़ी एवं भावलापाड़ा सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने धर्मलाभ प्राप्त किया।सरपंच पवित्रा बाई कटारे, प्रदीप कटारे, शोभाराम वसुनिया, तोफान वसुनिया, गोपाल कटारे, सुभाष कटारे, सोहन कटारे, आत्माराम कटारे, विजय कटारे, जामसिंह मावी एवं नारायण कटारे सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि राम मंदिर निर्माण गांव का लंबे समय से सपना था, जो अब साकार हुआ है। इससे पूरे गांव में हर्ष का वातावरण है।






