
विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो
श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य का जीवन आलोकित होता है

हरिद्वार प्रसिद्ध श्री गुरु राम सेवक उछाली आश्रम, हिमालय डिपो वाली गली में प्रातः स्मरणीय गुरु भगवान श्री नरसिंह दास जी महाराज की पावन स्मृति में सेवा समिति हाल में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में निरंतर जारी है, जहां कथा व्यास राष्ट्र संत श्री चिन्मयानंद बापू ने मधुर वाणी में श्रीमद् भागवत के प्रसंगों का सुंदर एवं सरल वर्णन करते हुए भक्तों को भक्ति रस में भाव विभोर कर दिया। उन्होंने अपने प्रवचनों में अनेक प्रेरणादायक दृष्टांतों के माध्यम से बताया कि भगवान की भक्ति ही जीवन का सच्चा आधार है, जैसे अंधकार में दीपक मार्ग दिखाता है वैसे ही भागवत कथा मानव जीवन को सत्य और धर्म के मार्ग पर अग्रसर करती है। इसी क्रम में प्रातः स्मरणीय श्री महंत विष्णु दास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन को पवित्र और सार्थक बनाने का दिव्य मार्ग है, जो मनुष्य के भीतर छिपे अहंकार और विकारों को समाप्त कर आत्मा को शुद्ध करता है। वहीं कथा में पधारे महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद महाराज ने अपने प्रेरक विचारों में एक सुंदर दृष्टांत प्रस्तुत करते हुए कहा कि जैसे एक बीज को वृक्ष बनने के लिए उचित वातावरण और समय की आवश्यकता होती है, वैसे ही मनुष्य के जीवन में भक्ति और सत्संग का संयोग उसे महान बना देता है। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को गहराई से स्पर्श किया और सभी भक्तजन भक्ति भाव में लीन होकर कथा श्रवण का आनंद लेते रहे। इस अवसर पर समस्त आश्रम परिसर श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।








