
समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
शिक्षा विभाग ने निजी और सरकारी स्कूलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब स्कूलों में *NCERT की किताबें अनिवार्य* कर दी गई हैं। विभाग ने साफ कहा कि NCERT की किताबें सस्ती, वैज्ञानिक तरीके से तैयार और बच्चों के स्तर के अनुरूप हैं।
महाराष्ट्र बोर्ड में भी बदलाव
महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड के स्कूलों में भी 2025-26 सत्र से गणित और विज्ञान जैसे विषयों के लिए चरणबद्ध तरीके से NCERT आधारित पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है। 2026-27 सत्र में कक्षा 9 के लिए नई NCERT किताबें लाई जाएंगी, जबकि कक्षा 1 से 8 तक के लिए नई किताबें पहले से उपलब्ध हैं।
जबरन खरीद पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि स्कूल पालकों को किसी खास वेंडर या स्कूल परिसर में चलने वाली दुकान से किताब-कॉपी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। अगर कोई स्कूल दबाव बनाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
शिकायत के लिए हेल्पलाइन
पालकों को राहत देने के लिए विभाग ने एक *डेडिकेटेड हेल्पलाइन* भी शुरू की है। अगर कोई स्कूल गैर-NCERT किताबें खरीदने का दबाव डालता है या महंगी किताबें थोपता है, तो पालक तुरंत हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
संभागीय उप शिक्षा निदेशक (नागपुर संभाग):
फ़ोन: (0712) 2421398
ईमेल: dd.nagpur@mahedu.gov.in
उद्देश्य: महंगी किताबों के बोझ से छुटकारा
विभाग का कहना है कि कई निजी स्कूल कमीशन के चक्कर में महंगे प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें लगाते हैं, जिससे पालकों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। NCERT किताबें अनिवार्य करने से फीस के साथ-साथ किताबों का खर्च भी कम होगा और पढ़ाई का स्तर एक समान रहेगा।
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है।








