
सिकंदराराऊ रेलवे स्टेशन पर मंगलवार की शाम पति अपनी पत्नी की जान बचाने के लिए एंबुलेंस सहित आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करता रहा, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया, जिससे उसकी पत्नी की हालत बिगड़ती गई। बाद में अस्पताल में महिला को मृत घोषित कर दिया।
थाना सोरों के गांव कांगरगढ़ी निवासी अलाउद्दीन अपनी पत्नी फैमिदा को मंगलवार की सुबह सरोज अस्पताल मथुरा में दवा दिलवाने गए थे। मंगलवार की शाम पौने पांच बजे टनकपुर स्पेशल ट्रेन से अलाउद्दीन पत्नी फैमिदा के साथ कासगंज जा
रहे थे। हाथरस सिटी स्टेशन से फैमिदा की तबीयत बिगड़ती चली गई। फैमिदा को इस बीच सांस लेने में परेशानी हो रही थी। अलाउद्दीन ने बताया कि उन्होंने पत्नी की जान बचाने के लिए एंबुलेंस सहित आपातकालीन नंबरों पर संपर्क किया, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। अलाउद्दीन पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन तब तक फैमिदा दम तोड़ चुकी थी। फैमिदा अपने पीछे पति और तीन बेटों को रोता बिलखता छोड़ गईं। अलाउद्दीन का रो-रोकर बुरा हाल था। लोगों का कहना है कि अगर एंबुलेंसकर्मी फोन उठा लेते तो शायद फैमिदा की जान बच जाती।










