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चुनाव प्रचार में रात 10 बजे से प्रात. 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर रहेगा प्रतिबंध- जिला निर्वाचन अधिकारी धीरेंद्र खड़गटा

राजनैतिक दलों व उम्मीदवार को चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अनुमति लेना जरूरी

चुनाव प्रचार में सुरक्षा वाहन को छोड़कर 10 से ज्यादा वाहनों के काफिले को चलने की नहीं होगी अनुमति

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नूंह । उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि हरियाणा विधानसभा आम चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया कल 5 सितंबर से शुरू हो जाएगी। चुनाव लड़ रहे

उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार के समय रोड शो, चुनाव रैलियों के दौरान जनसाधारण को असुविधा न हो, इसके लिए उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी होगी। चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक मंचों या में वाहनों पर लगाए गए लाउडस्पीकरों के प्रयोग पर रात 10 बजे से प्रातरू 6 बजे तक प्रतिबंध रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि किसी भी उम्मीदवार या राजनैतिक दल को चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अनुमति लेना जरूरी है, बिना अनुमति के प्रचार में वाहनों का प्रयोग नहीं कर सकते। उम्मीदवार या राजनैतिक दल द्वारा प्रचार के लिए जिन वाहनों का पंजीकरण करवाया गया है, उनका विवरण व्यय पर्यवेक्षक को बताना जरूरी है ताकि इसे उनके चुनाव खर्च में जोड़ा जा सके।

चुनाव प्रचार के लिए सभी वाहनों का उपयोग यातायात नियमों के अनुसार ही करना होगा। इस दौरान सुरक्षा वाहन को छोड़कर 10 से ज्यादा वाहनों के काफिले को चलने की अनुमति नहीं होगी। वाहनों के बड़े काफिले को छोटे छोटे काफिलों में तोड़ा जाएगा और दो काफिलो कम से कम 100 मीटर का फासला होना जरूरी है। इसके साथ ही चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों का ब्यौरा देते समय उन क्षेत्रों, तहसीलों का ब्यौरा भी बताना होगा, जहां पर यह प्रचार वाहन चलेंगे। इसके अलावा, किसी भी अतिरिक्त वाहन की तैनाती तभी हो सकती है, जब उम्मीदवार या उसके एजेंट द्वारा वाहनों की वास्तविक तैनाती से काफी पहले इस आशय की सूचना दे दी गई हो। उन्होंने बताया कि जन प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 160 के तहत साइकिल रिक्शा भी एक ऐसा वाहन है,जिसका उपयोग चुनाव प्रचार के लिए किया जा सकता है। यदि इसका उपयोग किया जा रहा है, तो उम्मीदवार को अपने चुनाव व्यय खाते में इसके व्यय का हिसाब देना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए, उम्मीदवार को अपने चुनाव प्रचार के लिए उपयोग किए जा रहे ऐसे रिक्शा का विवरण देना जरूरी है और यदि रिक्शा के पास अपनी पहचान के लिए कोई नगरपालिका पंजीकरण/परमिट नहीं है, तो रिक्शा चालक को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा उसके व्यक्तिगत नाम पर एक परमिट दिया जा सकता है, जिसे रिक्शा चालक को अभियान उद्देश्यों के लिए उस रिक्शा का उपयोग करते समय अपने साथ रखना चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी व रिटर्निंग अधिकारी हर प्रकार के चुनाव प्रचार पर निगरानी रखेंगे और नियमों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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