

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।
ईडी के अनुसार, प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में योग्य अभ्यर्थियों को जानबूझकर बाहर रखा गया, जबकि अवैध रूप से चयन कराए गए उम्मीदवारों से कथित तौर पर रिश्वत ली गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इसी अपराध की आय (Proceeds of Crime) से मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
ईडी ने बताया कि इस मामले में 2024 और 2025 के दौरान चंद्रनाथ सिन्हा के ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। साथ ही उनके खिलाफ प्रॉसिक्यूशन शिकायत (चार्जशीट) भी दाखिल की जा चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि कुर्क की गई संपत्तियां सीधे तौर पर भर्ती घोटाले से अर्जित धन से जुड़ी हुई हैं।
राजनीतिक हलचल तेज
ईडी की इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे ममता बनर्जी सरकार में भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण बताया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया जा रहा है।
फिलहाल ईडी द्वारा मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।







